महाराष्ट्र में 93,000 से अधिक छात्रवृत्ति आवेदनों का सत्यापन लंबित

महाराष्ट्र में 93,000 से अधिक छात्रवृत्ति आवेदनों का सत्यापन लंबित

महाराष्ट्र में 93,000 से अधिक छात्रवृत्ति आवेदनों का सत्यापन लंबित
Modified Date: March 10, 2026 / 02:40 pm IST
Published Date: March 10, 2026 2:40 pm IST

मुंबई, 10 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को विधान परिषद में बताया कि राज्य में उच्च शिक्षा के लिए छात्रों के 93,000 से अधिक छात्रवृत्ति आवेदन सत्यापन के लिए लंबित हैं।

उच्च एवं तंत्र शिक्षण मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने एक लिखित उत्तर में कहा कि सत्यापन प्रक्रिया अक्सर इसलिए रुक जाती है क्योंकि छात्र आवश्यक दस्तावेज नहीं लगाते हैं, महाविद्यालयों में अपने आवेदनों की प्रति जमा नहीं करते हैं या पोर्टल पर गलत दस्तावेज अपलोड कर देते हैं।

शिवसेना की विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) मनीषा कायंदे और अन्य विधायकों ने यह मुद्दा उठाते हुए चिंता जताई कि दिसंबर 2025 तक पिछले पांच वर्षों में लगभग 1.42 लाख छात्र छात्रवृत्ति से वंचित रहे हैं।

उन्होंने आशंका जताई कि वित्तीय बाधाओं के कारण छात्र अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि ‘महाडीबीटी’ पोर्टल पर 27 फरवरी तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कुल 93,326 आवेदन सत्यापन के लिए लंबित हैं।

उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 तक 1,42,383 आवेदन सत्यापन के लिए लंबित थे। हालांकि, विभागीय संयुक्त निदेशकों को जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए जाने के बाद 49,057 आवेदनों पर कार्रवाई की गई है।

मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार वर्तमान में महाडीबीटी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 14 छात्रवृत्ति योजनाएं लागू कर रही है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच इन योजनाओं के तहत कुल 9,68,597 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 7,80,495 छात्रों के लिए छात्रवृत्ति स्वीकृत की गई है।

पाटिल ने कहा, ‘इस अवधि के दौरान लाभार्थियों को कुल 708.41 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है।’

मंत्री ने छात्रवृत्ति न मिलने के कारण छात्रों के पढ़ाई छोड़ने की चिंताओं को भी खारिज करते हुए कहा कि विभाग को ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है कि किसी छात्र ने इस वजह से अपनी शिक्षा बीच में ही छोड़ दी हो।

भाषा प्रचेता रंजन

रंजन


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