नागपुर, 12 फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश के आर्थिक विकास में पशु चिकित्सकों की अहम भूमिका है और उन्होंने उनसे पारंपरिक जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर अपना नजरिया व्यापक करने की अपील की।
भागवत ने सह-अस्तित्व की भावना पर जोर देते हुए कहा कि मनुष्यों, जानवरों और प्रकृति के बीच बेहतर सामंजस्य रहना चाहिए और समाज को इस बात पर गंभीरता से सोचना चाहिए कि संतुलित सह-अस्तित्व कैसे सुनिश्चित किया जाए।
भागवत यहां ‘इंडियन सोसाइटी फॉर एडवांसमेंट ऑफ कैनाइन प्रैक्टिस’ और महाराष्ट्र पशु एवं मत्स्य पालन विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
संघ प्रमुख ने कहा, ‘‘पहले हम सोचते थे कि पशु चिकित्सक के तौर पर हमारी भूमिका सीमित है। लेकिन हमें अपनी सोच बदलने और अपने लिए एक व्यापक नजरिया और बड़ी भूमिका की कल्पना करने की जरूरत है।’’
उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सक सिर्फ पशुओं के विशेषज्ञ ही नहीं हैं, बल्कि समाज में भी अहम हितधारक हैं और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं।
आवारा कुत्तों पर उच्चतम न्यायालय के हालिया फैसले का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि इसके समर्थन और विरोध दोनों में बहुत ज्यादा प्रतिक्रिया देखने को मिली।
उन्होंने सुझाव दिया कि विवादित मुद्दों को सुलझाने के लिए वैकल्पिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
भाषा शफीक अमित
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