पुणे, 27 मई (भाषा) पुणे पोर्श दुर्घटना मामले में नाबालिग आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें वे परिवार के साथ जमानत मिलने का जश्न मनाते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है।
बुधवार को परिवार ने इस वायरल वीडियो को खारिज करते हुए कहा कि यह 2023 में शूट किया गया था, न कि इस साल मार्च में उच्चतम न्यायालय द्वारा जमानत दिए जाने के बाद।
उच्चतम न्यायालय ने विशाल अग्रवाल को जमानत दी है, जिन पर 2024 में हुई एक घातक दुर्घटना के बाद अपने बेटे को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए रक्त के नमूने बदलने की साजिश रचने का आरोप है।
वायरल वीडियो में अग्रवाल अपनी पत्नी और बेटे के साथ किसी स्थानीय रेस्तरां में नाचते हुए दिखाई दे रहे हैं।
उनके वकील द्वारा जारी एक बयान में अग्रवाल ने कहा कि सोशल मीडिया और टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित हो रहा वीडियो 2 सितंबर, 2023 को गोवा में उनकी शादी की 25वीं सालगिरह के जश्न के दौरान शूट किया गया था।
उन्होंने कहा कि फुटेज में वह अपनी पत्नी शिवानी, करीबी परिवार और दोस्तों के साथ गोवा के एक होटल में दिख रहे हैं।
बयान में कहा गया है कि गोवा के होटल में हुआ यह कार्यक्रम 19 मई 2024 को पुणे के यरवडा पुलिस थाने में पोर्श कार दुर्घटना मामले में दर्ज होने से काफी पहले का है।
बयान में मीडिया पोर्टल्स और चैनलों से वीडियो को तुरंत हटाने और स्पष्टीकरण जारी करने का आग्रह किया गया है, जिसमें कहा गया है कि रिपोर्ट झूठी और मानहानिकारक जानकारी पर आधारित है।
अग्रवाल ने कहा कि क्लिप के प्रसारित होने से उनके परिवार को मानसिक आघात पहुंचा है और इससे निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि परिवार निजी वीडियो के ‘लीक’ होने के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रहा है और इसे संविधान के तहत गारंटीकृत निजता के अधिकार का उल्लंघन बताया है।
वकील ध्वनि शाह ने कहा कि यह वीडियो हाल का नहीं है, बल्कि 2023 में आयोजित शादी की सालगिरह के जश्न का पुराना वीडियो है।
उन्होंने कहा, ‘यह क्लिप संदर्भ से हटकर साझा की जा रही है, जिससे दुर्भाग्यवश अनावश्यक अटकलें और भ्रामक कहानी गढ़ी जा रही है। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि वे पुरानी जानकारी के आधार पर निष्कर्ष न निकालें और अपुष्ट जानकारी फैलाने से बचें।’
पुणे के कल्याणी नगर इलाके में 19 मई, 2024 को 17 वर्षीय नाबालिग द्वारा कथित तौर पर चलाई जा रही पोर्श कार ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी जिसमें दो आईटी पेशेवरों की मौत हो गयी थी।
विशाल अग्रवाल उन 10 आरोपियों में शामिल है जिन्हें पोर्श में सवार नाबालिग चालक और उसके दो नाबालिग दोस्तों के रक्त के नमूनों की अदला-बदली के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, नाबालिग के रक्त के नमूनों को कथित तौर पर दो चिकित्सकों की मदद से उसकी मां के रक्त के नमूनों से बदल दिया गया था, ताकि यह छिपाया जा सके कि वह शराब के नशे में था।
एक सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “मुझे सचमुच समझ नहीं आता कि दो लोगों की मौत के बाद लोग जमानत मिलने पर जश्न क्यों मना रहे हैं। पुणे में पोर्श दुर्घटना की खबर जब भी सामने आती है, तो मामला और भी भयावह हो जाता है।”
एक अन्य उपयोगकर्ता ने लिखा, “मेरा खून खौल रहा है। ये उस पोर्श वाले का परिवार है जिसने सड़क दुर्घटना में दो निर्दोष इंजीनियरों को मार डाला। आरोपी को जमानत मिल गई और अब देखिए ये लोग ऐसे जश्न मना रहे हैं जैसे उसने कोई वीरतापूर्ण काम किया हो। न कोई पछतावा, न कोई शर्म।”
भाषा
राखी नरेश
नरेश