मुंबई, 20 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने देने के लिए विपक्ष की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उनकी ‘पिछड़ी मानसिकता’ ने भारत में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के एक ऐतिहासिक क्षण की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
फडणवीस ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए घोषणा की कि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन अब राज्य भर की महिलाओं से एक करोड़ हस्ताक्षर एकत्र करने के लिए एक व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू करेगा, जिसका उद्देश्य ‘जनमत’ का निर्माण करना और विपक्ष के महिला विरोधी रुख को उजागर करना है।
उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल देश की राजनीतिक और सामाजिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होने वाला था, क्योंकि विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को लागू करने के वास्ते संसद में विधेयक पारित होने वाला था।
फडणवीस ने विपक्षी दलों पर निर्वाचित निकायों में महिलाओं के अधिकारों की ‘भ्रूणहत्या’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘विपक्ष ने अपनी प्रतिगामी मानसिकता के कारण महिला आरक्षण विधेयक की हत्या कर दी।’
उन्होंने कहा कि अगर भाजपा के पास दो-तिहाई बहुमत होता, तो विपक्ष ने अभी विधेयक का समर्थन किया होता, लेकिन सत्तारूढ़ गठबंधन के पास बहुमत न होने के कारण विपक्ष ने इसे एक अवसर के रूप में देखा।
लोकसभा में 17 अप्रैल को एक संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाया, जिसका उद्देश्य 2029 में विधायिकाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना और लोकसभा सीट की संख्या में वृद्धि करना था।
भाषा तान्या दिलीप
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