Jabalpur High Court Saurabh Sharma : RTO के करोड़पति पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को हाईकोर्ट से लगा तगड़ा झटका, इस वजह से मांग रहा था बेल, कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

Ads

आरटीओ भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोपी सौरभ शर्मा को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। पत्नी के इलाज के आधार पर मांगी गई 60 दिन की अस्थायी जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी, जिससे फिलहाल उसे जेल में ही रहना होगा।

  •  
  • Publish Date - June 12, 2026 / 08:42 PM IST,
    Updated On - June 12, 2026 / 08:46 PM IST

Jabalpur High Court Saurabh Sharma / Image Source : FILE

HIGHLIGHTS
  • सौरभ शर्मा की 60 दिन की अस्थायी जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की।
  • पत्नी के इलाज का हवाला देकर मांगी थी राहत, कोर्ट ने दलील नहीं मानी।
  • चर्चित मामले में सौरभ शर्मा की कार से 51 किलो सोना बरामद हुआ था।

जबलपुर: Jabalpur High Court Saurabh Sharma : मध्य प्रदेश के बहुचर्चित आरटीओ भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले के मुख्य आरोपी और पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को जबलपुर हाईकोर्ट से एक बहुत बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने आरोपी सौरभ शर्मा की 60 दिनों की अस्थायी जमानत याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

पत्नी के इलाज का हवाला देते हुए 60 दिन राहत

Jabalpur RTO Money Laundering करोड़पति पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा ने अपनी पत्नी के इलाज का हवाला देते हुए कोर्ट से 60 दिन की राहत मांगी थी। उसने इसे एक मेडिकल इमरजेंसी बताया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दलील को मानने से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपी की पत्नी का इलाज करवाने के लिए परिवार में अन्य सदस्य भी मौजूद हैं, इसलिए इस आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती।

51 किलो सोना हुआ बरामद

Madhya Pradesh RTO Corruption Case गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के इस सबसे चर्चित भ्रष्टाचार कांड में सौरभ शर्मा की कार से रिकॉर्ड 51 किलो सोना बरामद हुआ था, जिसके बाद से वह जेल में बंद है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब आरोपी सौरभ शर्मा को जेल में ही रहना होगा। इस मामले को राज्य के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक माना जा रहा है, जिसमें पुलिस और जांच एजेंसियां मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई हैं।

इन्हें भी पढ़ें :