Chaitra Navratri 2026 Ashtami Bhog: अष्टमी के दिन मां महागौरी को कौन सा भोग है सबसे अधिक प्रिय! जानिए कैसे करें सही पूजा

Chaitra Navratri 2026 Ashtami Bhog: चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन महाअष्टमी मां महागौरी को समर्पित है। इस दिन उनकी विधिपूर्वक पूजा और प्रिय भोग अर्पित करने से जीवन के दुख दूर होते हैं और सुख-समृद्धि आती है। इस खास दिन पर मां को कौन सा भोग लगाना चाहिए, इसकी जानकारी रखना लाभकारी होता है।

Chaitra Navratri 2026 Ashtami Bhog: अष्टमी के दिन मां महागौरी को कौन सा भोग है सबसे अधिक प्रिय! जानिए कैसे करें सही पूजा

(Chaitra Navratri 2026 Ashtami Bhog/ Image Credit: IBC24 News)

Modified Date: March 26, 2026 / 10:44 am IST
Published Date: March 26, 2026 10:44 am IST
HIGHLIGHTS
  • महाअष्टमी दिन मां महागौरी को समर्पित।
  • नारियल अर्पित करना शुभ और प्रिय भोग।
  • हलवा-पूरी और चने का भोग विशेष रूप से फलदायी।

Chaitra Navratri 2026 Ashtami Bhog: नवरात्रि का आठवां दिन, जिसे महाअष्टमी कहा जाता है, मां महागौरी को समर्पित होता है। यह दिन बहुत ही शुभ और फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन मां की विधिपूर्वक पूजा आर भोग अर्पित करने से जीवन के सारे कष्ट दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। खासतौर पर इस दिन कन्या पूजन का महत्व भी बढ़ जाता है।

मां का प्रिय भोग

महाअष्टमी पर नारियल का भोग अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। नारियल शुद्धता और समृद्धि का प्रतीक है। इसे अर्पित करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और मां महागौरी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह भोग पूजा का मुख्य हिस्सा माना जाता है।

हलवा-पूरी और चने

कन्या पूजन के दौरान हलवा-पूरी और चने का भोग अर्पित करना बेहद फलदायी होता है। यह भोग मां महागौरी को बहुत प्रिय है। इस भोग से भक्तों को मां की विशेष कृपा मिलती है और घर में खुशहाली बनी रहती है।

दूध और उससे बनी मिठाइयां

दूध और उससे बनी मिठाइयां जैसे खीर, पेड़ा या बर्फी भी मां महागौरी को अर्पित करना शुभ माना जाता है। ये भोग जीवन में शांति, समृद्धि और सुख-शांति लाते हैं। सफेद रंग के पकवान जैसे खीर या मखाने की मिठाई अर्पित करना भी मां को अत्यंत प्रिय है।

फल और मिश्री

ताजे फल और मिश्री का भोग अर्पित करने से मां प्रसन्न होती हैं। इससे भक्तों को स्वास्थ्य, खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा का आशीर्वाद मिलता है। भोग अर्पित करते समय हमेशा साफ-सुथरे और शुद्ध वातावरण का ध्यान रखें। पूजा के दौरान मन में द्वेष या नकारात्मक भाव न रखें।

भोग अर्पित का तरीका और आशीर्वाद

भोग हमेशा पहले मां को अर्पित करें, उसके बाद स्वयं ग्रहण करें। कन्या पूजन के दौरान नौ कन्याओं और एक बालक को भोजन जरूर कराएं। मान्यता है कि विधिपूर्वक पूजा और भोग अर्पित करने से मां महागौरी शीघ्र प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-शांति, धन-धान्य और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। इस महाअष्टमी इन भोगों को अर्पित करना बिल्कुल न भूलें।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।