(Chaitra Navratri 2026 Day 5/ Image Credit: IBC24 News)
Maa Skandmata Bhog: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च से शुरू हुआ और यह 27 मार्च तक चलेगा। इस दौरान श्रद्धालु पूरे मन से मां दुर्गा की पूजा-आराधना करते हैं और व्रत रखते हैं। ऐसा करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख, खुशहाली, धन और वैभव आती है। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है।
आज नवरात्रि का पांचवां दिन है, जो मां के पांचवें स्वरूप, स्कंदमाता को समर्पित है। इस दिन पूरी विधि-विधान से पूजा की जाती है। मान्यता है कि मां स्कंदमाता का पूजन करने से उनकी कृपा से संतान सुख, ज्ञान और आध्यात्मिक समृद्धि प्राप्त होती है। लेकिन माता की पूजा बिना भोग के अधूरी मानी जाती है, इसलिए आज पूजा के समय उनका प्रिय भोग अवश्य चढ़ाएं।
मां स्कंदमाता सिंह की सवारी करती हैं और उनकी गोद में भगवान कार्तिकेय बैठे हैं, इसलिए उन्हें स्कंदमाता कहा जाता है। देवी के चार हाथ हैं। एक हाथ वरमुद्रा में है, दो हाथों में कमल के फूल हैं और एक हाथ में उन्होंने भगवान कार्तिकेय को पकड़े रखा है। उनका यह स्वरूप माता के करूण और मातृभाव को दर्शाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां स्कंदमाता को केले का भोग अति प्रिय है। पूजा के समय केले का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा माता रानी को केसर वाली खीर या पीले रंग की मिठाइयों का भोग भी अर्पित किया जा सकता है। भोग चढ़ाने से मां की कृपा अधिक फलदायी मानी जाती है।
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और मंदिर की सफाई करें। पीले रंग के वस्त्र धारण करें और घर व मंदिर में गंगाजल का छिड़काव करें। पूजा के समय पीला चंदन, पीले अक्षत, पीले फूल, फल, मिठाई और पंचामृत अर्पित करें। घी का दीपक जलाएं, मंत्रों का जाप करें और व्रत की कथा पढ़ें। अंत में आरती से पूजा समाप्त करें और मां स्कंदमाता से आशीर्वाद लें।