Deputy CM Ajit Pawar: उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे अजीत पवार ? महाराष्ट्र में फैमिली शो फ्लॉप, चाचा-भतीजा मिलकर भी नहीं बचा पाए साख
Deputy CM Ajit Pawar will resign ? राज्य के डिप्टी सीएम अजीत पवार और शरद पवार की एकजुटता का दांव भाजपा के विजय अभियान को रोक नहीं पाया। बीजेपी ने …

- अजीत पवार और शरद पवार की एकजुटता का दांव फेल
- अधर में पवार फैमिली का भविष्य
- 24 नगर निकायों में खाता तक नहीं खोल सकी शरद पवार की पार्टी
- पुणे में भाजपा को 165 में से 110 सीटें, पवार गुट को मात्र 2 सीटें
Mumbai News: महाराष्ट्र में हाल ही में संपन्न हुए नगर निकाय चुनावों के परिणाम सामने आ चुके हैं। (BMC Election result) यहां पर भारतीय जनता पार्टी ने पुणे (PMC) और पिंपरी-चिंचवाड़ (PCMC) में अपना जीत बरकरार रखी है, इतना ही नहीं इस जीत को और मजबूत किया है। (Deputy CM Ajit Pawar resign) खास बात यह रही कि राज्य के डिप्टी सीएम अजीत पवार और शरद पवार की एकजुटता का दांव भाजपा के विजय अभियान को रोक नहीं पाया। बीजेपी ने दोनों नगर निगमों में पूर्ण बहुमत पा लिया है।
इसके पहले कि हम अन्य बातों पर चर्चा करें यह बता दें कि पुणे में भाजपा को 165 में से 110 सीटें मिली हैं। वहीं, एनसीपी और शरद पवार गुट को मात्र 2 सीटें मिली हैं। (BMC Election result) पिंपरी-चिंचवाड़ (PCMC) की 128 सीटों में से भाजपा को 81 और अजीत गुट को सिर्फ 36 सीटें मिली हैं। इसी के साथ भाजपा ने पहली बार इन दोनों नगर निगमों में अपनी दम पर शहर सरकार बनाने जा रही है। (Deputy CM Ajit Pawar resign) जबकि इसके पहले वह गठबंधन में शामिल रही है।
अधर में पवार फैमिली का भविष्य
नगर निकाय चुनाव में अजीत पवार और शरद पवार के एक साथ आने के बावजूद इस करारी हार ने दोनों गुटों के सामने अस्तित्व का गहरा संकट खड़ा कर दिया है। (BMC Election result)बड़ी बात यह है कि महायुति सरकार में रहते हुए भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ना और भ्रष्टाचार के आरोप लगाना उनके लिए उल्टा दांव पड़ गया।
इस मामले को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने यहां तक कह दिया कि पार्टी को अजीत पवार को साथ रखने पर पश्चाताप करना पड़ रहा है। (BMC Election result) यहां से यह साबित हो गया है कि अब अजीत पवार को भाजपा के सामने झुककर रहना होगा या फिर डिप्टी सीएम से इस्तीफा देकर ( Deputy CM Ajit Pawar resign) पूरी तरह अपने चाचा के साथ विलय की राह अपनानी होगी।
24 नगर निकायों में खाता तक नहीं खोल सकी शरद पवार की पार्टी
शरद पवार की पार्टी की बात करें तो इन चुनावो में 24 नगर निकायों में अपना खाता तक नहीं खोल सकी है।पुणे जैसे अपने गढ़ में मात्र 2 सीटें जीतना पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के हिल जाने का स्पष्ट संकेत है। (BMC Election result) राजनीतिक विश्लेषकों के अुनसार बीजेपी के बढ़ते प्रभाव को मद्दे नजर रखते हुए दोनों NCP गुटों का स्थायी रूप से मिल जाना ही उनके टिके रहने का एकमात्र रास्ता हो सकता है। (Deputy CM Ajit Pawar resign) NCP के कार्यकर्ताओं में भी अब स्थिरता की मांग जोर पकड़ने लगी है।
निकाय चुनावों में बड़ी जीत के साथ देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र की शहरी राजनीति में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। (BMC Election result)अब सबकी नजरें जिला परिषद चुनावों पर हैं, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अजीत पवार और शरद पवार का गठबंधन जारी रहता है या हार के बाद वे फिर से अलग हो जाते हैं। जैसा कि विधानसभा चुनावों में हुआ था।
क्या हैं भाजपा की जीत के प्रमुख कारण ?
1. निकाय चुनाव में भाजपा की जीत के कुछ कारण स्पष्ट है। जिनमें से पहला परिवारवाद पर प्रहार है। (BMC Election result) भाजपा ने नीति बनाई कि किसी भी मौजूदा विधायक या सांसद के रिश्तेदार को टिकट नहीं दिया जाएगा। इससे मुरलीधर मोहोल और मेधा कुलकर्णी जैसे बड़े नेताओं के रिश्तेदारों को भी टिकट नहीं मिला, जिससे आम कार्यकर्ताओं में सकारात्मक संदेश गया।
2. दूसरा नए चेहरों को मौका देना है। पुणे में भाजपा ने अपने 97 में से 30 मौजूदा पार्षदों के टिकट काटकर नए और जमीनी कार्यकर्ताओं को मैदान में उतारा।
3. तीसरा विपक्ष के मजबूत चेहरों को तोड़ा गया है। चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने बापू पठारे के परिवार (NCP-SP) और अभिजीत शिवरकर (कांग्रेस) जैसे प्रभावी स्थानीय नेताओं को अपने पाले में कर लिया।
4. चौथा कारण यह रहा है कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस किया गया है। मेट्रो विस्तार, रिंग रोड और कोस्टल रोड जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स ने शहरी मतदाताओं को भाजपा की ओर ज्यादा आकर्षित किया है।
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सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः
उत्तर: फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है। भाजपा नेताओं के बयान से दबाव जरूर बढ़ा है कि अजीत पवार या तो भाजपा के साथ पूरी तरह तालमेल बैठाएं या फिर अपने चाचा शरद पवार के साथ विलय करें। इस्तीफे की अटकलें तेज हैं, लेकिन कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
लेखक के बारे में
डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगोष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com
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