Home » Religion » Aaj ka Panchang (1 जनवरी 2026): The New Year begins with these rare and auspicious conjunctions! May the blessings of Hari-Hara (Shiva and Vishnu) shower upon you throughout the year! Know today's auspicious and inauspicious times!
Aaj ka Panchang: इन दुर्लभ संयोगों में हुआ नए साल का स्वागत! पूरे वर्ष बरसेगी हरी-हर की कृपा.. जान लें आज के शुभ मुहूर्त और अशुभ समय!
हिन्दू पंचांग की दृष्टि से, नववर्ष का स्वागत अत्यंत दुर्लभ संयोगों में हुआ है। आज (1 जनवरी 2026) का दिन पौष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर पड़ रहा है, जो गुरु प्रदोष व्रत का दिन है। साथ ही आज के दिन, 3 शुभ संयोग पूरे वर्ष भर आध्यात्मिक उन्नति के संकेत दे रहे हैं। आइये विस्तारपूर्वक जानते हैं..
Publish Date - January 1, 2026 / 05:48 PM IST,
Updated On - January 1, 2026 / 05:48 PM IST
Aaj ka Panchang 1 January 2026/Image Source: IBC24
HIGHLIGHTS
तीन दुर्लभ शुभ योगों से चमकेगा पूरा वर्ष, जानें शुभ मुहूर्त!
दुर्लभ संयोगों में हुआ नववर्ष का स्वागत!
Aaj ka Panchang (1 जनवरी 2026): हिन्दू पंचांग के अनुसार, नववर्ष 2026 की शुरुआत आज, यानी 1 जनवरी 2026 (गुरुवार), 3 शुभ एवं दुर्लभ संयोगों के साथ हो रही है। आज के दिन, पौष मास के शुक्ल पक्ष की त्रियोदशी तिथि पर पड़ रहा है। आज गुरुवार होने से, गुरु प्रदोष व्रत का दिन है। गुरु प्रदोष व्रत, रोहिणी व्रत और रवि योग जैसे दुर्लभ संयोग बन रहे हैं।
Aaj ka Panchang (1 जनवरी 2026): इन 3 दुर्लभ संयोगों में हुआ नववर्ष का प्रारम्भ!
गुरु प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग
आज के दिन गुरुवार पड़ने से, गुरु प्रदोष व्रत कहलाता है। प्रदोष व्रत, त्रियोदशी तिथि के दिन ही रखा जाता है और यह भगवान शिव को समर्पित होता है। गुरुवार भगवान विष्णु का वार और गुरु प्रदोष व्रत होने से आज के दिन शिव-विष्णु (हरि-हर) की एकसाथ पूजा का एक सुनहरा अवसर है जो पूरे वर्ष सुख-समृद्धि, मानसिक शांति के साथ आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है।
रोहिणी नक्षत्र का शुभ संयोग
‘रोहिणी’ चंद्रमा का सबसे प्रिय नक्षत्र है। यह नक्षत्र बहुत ही शुभ माना जाता है। इस नक्षत्र में किया हुआ नया कार्य, खरीदी हुई ज़मीन या संपत्ति, किया हुआ निवेश आने वाले समय में अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है।
शुभ योग तथा रवि योग का महासंयोग
कोई भी नए एवं धार्मिक कार्यों के लिए दोपहर लगभग 12:09 से 12:51 बजे तक का समय अत्यधिक उत्तम है। जबकि रात को 10:48 बजे से अगले दिन सुबह 07:14 बजे तक रहेगा। ज्योतिष दृष्टि के अनुसार, आज का दिन नामकरण और नया वाहन खरीदने के लिए बहुत ही शुभ है। रवि योग रात में ग्रह दोष दूर करने में सहायक होते हैं।
आज 1 जनवरी 2026 के शुभ मुहूर्त!
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर लगभग 12:09 से 12:51 बजे (सर्वोत्तम कार्यों के लिए)।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:36 से 6:24 बजे (ध्यान-पूजा के लिए)।
अमृत काल: शाम 7:58 से 9:23 बजे।
रवि योग: रात 10:48 बजे से अगले दिन सुबह 7:14 बजे तक।
अशुभ समय (इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य न करें)
राहुकाल: दोपहर लगभग 1:41 से 3:00 बजे (गुरुवार के लिए)।
यमगंड: सुबह 7:14 से 8:32 बजे।
गुलिक काल: सुबह 9:49 से 11:07 बजे।
Disclaimer:- उपरोक्त लेख में उल्लेखित सभी जानकारियाँ प्रचलित मान्यताओं और धर्म ग्रंथों पर आधारित है। IBC24.in लेख में उल्लेखित किसी भी जानकारी की प्रामाणिकता का दावा नहीं करता है। हमारा उद्देश्य केवल सूचना पँहुचाना है।
1 जनवरी 2026 का पंचांग: नए वर्ष का शुभारंभ विशेष संयोगों से नव वर्ष 2026 की शुरुआत 1 जनवरी 2026 (गुरुवार) को हिंदू पंचांग के अनुसार अत्यंत शुभ और दुर्लभ संयोगों के साथ हो रही है। यह दिन पौष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि से आरंभ होकर चतुर्दशी तक रहेगा। इस दिन गुरु प्रदोष व्रत, रोहिणी व्रत और रवि योग जैसे महत्वपूर्ण संयोग बन रहे हैं। कई ज्योतिष स्रोतों के अनुसार इस दिन 3 से 9 तक शुभ संयोग बताए जा रहे हैं, लेकिन मुख्य रूप से तीन प्रमुख शुभ संयोग इस प्रकार हैं: तीन प्रमुख शुभ संयोग जिनमें हुआ नए वर्ष 2026 का शुभारंभ: गुरु प्रदोष व्रत का संयोग: गुरुवार होने से यह गुरु प्रदोष कहलाता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। गुरुवार विष्णु भगवान का दिन होने से इस दिन शिव-विष्णु (हरि-हर) की एकसाथ पूजा का दुर्लभ अवसर मिलता है, जो पूरे वर्ष सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है। रोहिणी नक्षत्र का शुभ योग: रोहिणी नक्षत्र चंद्रमा का सबसे प्रिय नक्षत्र माना जाता है। यह सुख, समृद्धि, मानसिक शांति और स्थायी कार्यों के लिए अत्यंत शुभ होता है। इस नक्षत्र में नए कार्य आरंभ करने से स्थिरता और वृद्धि मिलती है। शुभ योग और रवि योग का संयोग: दिन में शुभ योग (सुबह से दोपहर बाद तक) और रात में रवि योग रहने से दिन भर शुभ फल प्राप्त होते हैं। शुभ योग नए कार्य, व्यापार और धार्मिक क्रियाओं के लिए उत्तम है, जबकि रवि योग ग्रह दोष निवारण और सूर्य उपासना के लिए विशेष लाभकारी माना जाता है। ये संयोग मिलकर नए वर्ष को आध्यात्मिक रूप से मजबूत और मंगलमय बनाते हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, वर्ष की शुरुआत ऐसे योगों में होने से पूरे साल सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। 1 जनवरी 2026 का विस्तृत पंचांग (दिल्ली/उज्जैन के लिए सन्निकट समय): तिथि: पौष शुक्ल त्रयोदशी (रात लगभग 8:22 से 10:22 बजे तक), उसके बाद चतुर्दशी। नक्षत्र: रोहिणी (रात लगभग 8:48 से 10:48 बजे तक), उसके बाद मृगशिरा। योग: शुभ योग (दोपहर लगभग 3:12 से 5:12 बजे तक), उसके बाद शुक्ल योग। करण: कौलव, तैतिल, गर। वार: गुरुवार। सूर्योदय: सुबह लगभग 7:12-7:14 बजे। सूर्यास्त: शाम लगभग 5:02-5:39 बजे। चंद्रोदय: दोपहर लगभग 3:35 बजे। व्रत/पर्व: गुरु प्रदोष व्रत, रोहिणी व्रत। शुभ मुहूर्त: अभिजीत मुहूर्त: दोपहर लगभग 12:09 से 12:51 बजे (सर्वोत्तम कार्यों के लिए)। ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:36 से 6:24 बजे (ध्यान-पूजा के लिए)। अमृत काल: शाम 7:58 से 9:23 बजे। रवि योग: रात 10:48 बजे से अगले दिन सुबह 7:14 बजे तक। नामकरण, वाहन खरीदी आदि के लिए: दिन शुभ माना गया है (कई स्रोतों में 1 जनवरी नामकरण और वाहन मुहूर्त के लिए अनुकूल)। अशुभ समय (इनमें महत्वपूर्ण कार्य टालें): राहुकाल: दोपहर लगभग 1:41 से 3:00 बजे (गुरुवार के लिए)। यमगंड: सुबह 7:14 से 8:32 बजे। गुलिक काल: सुबह 9:49 से 11:07 बजे। दुर्मुहूर्त: सुबह 10:41 से 11:23 बजे आदि। अन्य महत्वपूर्ण जानकारी: इस दिन शिवजी की रुद्राभिषेक और विष्णु पूजा विशेष फलदायी है। नए वर्ष पर सकारात्मक कार्य जैसे दान, पूजा, संकल्प लेना पूरे साल शुभ फल देता है। ध्यान दें: समय स्थान के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है। सटीक मुहूर्त के लिए स्थानीय पंचांग देखें।
क्योंकि यह गुरुवार को पड़ रहा है, जिससे शिव के साथ विष्णु पूजा का दुर्लभ संयोग बनता है। इस व्रत से वर्ष भर सुख-शांति और ग्रह दोष निवारण होता है।
नए साल पर रोहिणी नक्षत्र का क्या महत्व है?
रोहिणी नक्षत्र सुख, समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक है। इस नक्षत्र में नए कार्य शुरू करने से वर्ष भर वृद्धि और स्थायित्व मिलता है।
1 जनवरी 2026 को वाहन या संपत्ति खरीदना शुभ है या नहीं?
हाँ, रोहिणी नक्षत्र और शुभ योग के कारण यह दिन वाहन, संपत्ति या नामकरण जैसे स्थायी कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
राहुकाल में क्या नहीं करना चाहिए?
राहुकाल (दोपहर 1:42 से 3:00 बजे) में नए कार्य, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय टालें। इस समय नकारात्मक ऊर्जा प्रभावी रहती है।