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Aaj Ka Panchang 10 April 2026: रायपुर: आज का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आज वैशाख माह की कालाष्टमी (Kalashtami 2026) का पावन पर्व मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि रात्रि 11:15 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद नवमी तिथि का आरंभ होगा। इस अवसर पर ‘शिव योग’ और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। यह योग जीवन में सफलता, विजय और सिद्धि प्रदान करने वाला बताया गया है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, आज के दिन किए गए धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ और नए कार्यों की शुरुआत विशेष रूप से शुभ फल देती है। यदि आप किसी महत्वपूर्ण कार्य, निवेश, व्यापारिक सौदे या यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो शुभ और अशुभ समय की जानकारी रखना अत्यंत आवश्यक है। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त और अमृत काल जैसे शुभ समय विशेष रूप से लाभकारी माने गए हैं।
पंचांग के अनुसार आज का दिन शुक्रवार है और विक्रम संवत 2083 चल रहा है। आज तिथि कृष्ण अष्टमी है, जो रात्रि 11:15 बजे तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ होगी। योग की बात करें तो ‘शिव योग’ सायं 06:31 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद ‘सिद्ध योग’ का प्रभाव शुरू होगा। करण में आज बालव करण प्रातः 10:21 बजे तक रहेगा, उसके बाद कौलव करण रात्रि 11:15 बजे तक प्रभावी रहेगा।
सूर्योदय आज प्रातः 06:01 बजे और सूर्यास्त सायं 06:44 बजे होने का अनुमान है। वहीं चंद्रोदय रात्रि 02:10 बजे (11 अप्रैल) और चंद्रास्त प्रातः 11:35 बजे होगा। ग्रहों की स्थिति के अनुसार सूर्य देव इस समय मीन राशि में विराजमान हैं, जबकि चंद्रमा धनु राशि में सायं 06:04 बजे तक रहेंगे, इसके बाद वे मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
आज के शुभ मुहूर्त की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:57 बजे से 12:48 बजे तक रहेगा, जो किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा अमृत काल प्रातः 06:08 बजे से 07:54 बजे तक रहेगा, जिसमें किए गए कार्यों के सफल होने की संभावना अधिक रहती है।
वहीं अशुभ समय में राहुकाल प्रातः 10:47 बजे से दोपहर 12:23 बजे तक रहेगा। इसके अलावा गुलिक काल प्रातः 07:37 बजे से 09:12 बजे तक और यमगण्ड दोपहर 03:33 बजे से सायं 05:09 बजे तक रहेगा। इस दौरान किसी भी नए कार्य की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है।
नक्षत्र की दृष्टि से आज चंद्रमा पूर्वाषाढ़ा और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव प्रातः 11:28 बजे से अगले दिन तक रहेगा। इस नक्षत्र के स्वामी सूर्य देव माने जाते हैं और इसके देवता विश्वेदेव हैं, जिन्हें विजय और धर्म के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। यह नक्षत्र मेहनत, अनुशासन, धैर्य और सफलता का प्रतीक माना जाता है।