Aaj Ka Panchang 19 February 2026: फाल्गुन की द्वितीया तिथि पर बन रहे हैं ये खास योग, इन मुहूर्तों में करें राधा-कृष्ण की आराधना! बदल जाएगी किस्मत..!
Aaj Ka Panchang 19 February 2026: आज यानी 19 फरवरी 2026 को फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। इस दिन पूरे देश में फुलेरा दूज (Phulera Dooj 2026) बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है।
aaj ka panchang/ image source: IBC24
- फाल्गुन शुक्ल द्वितीया तिथि पर।
- राधा-कृष्ण की पूजा से शुभ फल।
- अभिजीत: 12:13–12:58 बजे, अमृतकाल: 01–02:34 बजे।
नई दिल्ली: आज यानी 19 फरवरी 2026 को फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। इस दिन पूरे देश में फुलेरा दूज (Phulera Dooj 2026) बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह पर्व खासकर राधा और कृष्ण जी की भक्ति और प्रेम को समर्पित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान राधा-कृष्ण की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में खुशियों का आगमन होता है और नए कार्यों की शुरुआत शुभ मानी जाती है।
Aaj Ka Panchang: क्या कहता है आज का पंचांग ?
आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang 19 February 2026) के अनुसार शुक्ल द्वितीया तिथि सायं 03 बजकर 58 मिनट तक रहेगी। इस दिन कई महत्वपूर्ण योग और करण बन रहे हैं। प्रमुख योग “सिद्ध” सायं 08 बजकर 42 मिनट तक रहेगा, जबकि करण में प्रातः 03 बजकर 21 मिनट तक तैतिल और सायं 03 बजकर 58 मिनट तक कौलव का प्रभाव रहेगा।
सूर्योदय का समय प्रातः 06 बजकर 56 मिनट और सूर्यास्त का समय सायं 06 बजकर 14 मिनट है। चंद्रमा भी कुंभ राशि में स्थित हैं और चंद्रास्त सायं 08 बजकर 11 मिनट पर होगा। इस दिन कई शुभ और अशुभ मुहूर्त भी बन रहे हैं। शुभ मुहूर्त में अभिजीत दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 58 मिनट तक और अमृतकाल दोपहर 01 बजे से दोपहर 02 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। वहीं, राहुकाल दोपहर 02 बजे से दोपहर 03 बजकर 25 मिनट तक, गुलिकाल प्रातः 09 बजकर 46 मिनट से प्रातः 11 बजकर 10 मिनट तक और यमगंड प्रातः 06 बजकर 56 मिनट से प्रातः 08 बजकर 21 मिनट तक रहेगा।
आज चंद्रदेव पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में विराजमान हैं, जो सायं 08 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। इस नक्षत्र के देवता “अज एकपाद” हैं और यह नक्षत्र आमतौर पर आशावादी, ईमानदार, बुद्धिमान और कला-प्रेमी व्यक्तियों के लिए लाभकारी माना जाता है। नक्षत्र का प्रभाव व्यक्ति के भावनात्मक और सामाजिक जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है।
Panchang 19 February 2026: फुलेरा दूज का धार्मिक महत्व अत्यंत प्राचीन
फुलेरा दूज का धार्मिक महत्व अत्यंत प्राचीन है। यह पर्व फाल्गुन मास की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है और इसे होली उत्सव की पूर्व संध्या के रूप में भी देखा जाता है। इस दिन मंदिरों और घरों में राधा-कृष्ण की पूजा की जाती है, फूलों और गुलाल से सजावट की जाती है। भक्तजन भजन-कीर्तन करते हैं और प्रेम व उल्लास के साथ इस पर्व को मनाते हैं। साथ ही विवाह, मांगलिक कार्य और नए कार्यों की शुरुआत के लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है।
फुलेरा दूज पर सबसे खास पहलू यह है कि यह प्रेम और भक्ति का संदेश देता है। इस दिन राधा और कृष्ण के मधुर लीलाओं और प्रेम को याद करते हुए समाज में भाईचारा, प्रेम और सौहार्द बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है। यही कारण है कि फुलेरा दूज हर उम्र के लोगों द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

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