aaj ka panchang/ image source: IBC24
Aaj Ka Panchang, 27 March 2026: शुक्रवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि सुबह 10 बजकर 06 मिनट तक रहेगी, इसके बाद दशमी तिथि का आरंभ हो जाएगा। आज का दिन विशेष रूप से पावन है क्योंकि चैत्र नवरात्रि का समापन, राम नवमी, स्वामीनारायण जयंती और श्री महातारा जयंती जैसे प्रमुख पर्व एक साथ मनाए जा रहे हैं। मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने श्रीराम के रूप में अवतार लिया था, इसलिए राम नवमी का धार्मिक महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है।
आज ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति भी कई शुभ योग बना रही है। पुनर्वसु नक्षत्र दोपहर 3 बजकर 24 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद पुष्य नक्षत्र शुरू होगा। वहीं अतिगण्ड योग रात 10 बजकर 09 मिनट तक रहेगा, इसके बाद सुकर्मा योग प्रारंभ होगा। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह से दोपहर तक प्रभावी रहेगा, जबकि रवि योग पूरे दिन बना रहेगा। ये सभी योग मिलकर दिन को अत्यंत शुभ और फलदायी बना रहे हैं।
चंद्रमा की स्थिति की बात करें तो वह सुबह 9 बजकर 36 मिनट तक मिथुन राशि में रहेंगे और उसके बाद कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर का प्रभाव लोगों के मानसिक और भावनात्मक जीवन पर पड़ेगा। आज का दिन विशेष रूप से पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और आध्यात्मिक साधना के लिए अनुकूल है।
राम नवमी के अवसर पर पूजा का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त में माना गया है। आज यह मुहूर्त सुबह 11 बजकर 13 मिनट से दोपहर 1 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। वहीं कन्या पूजन का समय सुबह 10 बजकर 03 मिनट तक ही शुभ माना गया है, क्योंकि इसके बाद नवमी तिथि समाप्त हो जाएगी। ऐसे में श्रद्धालुओं को इस समय से पहले ही पूजा संपन्न करने की सलाह दी जाती है।
अगर शुभ मुहूर्तों की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:44 बजे से 5:30 बजे तक रहेगा, जो ध्यान और साधना के लिए श्रेष्ठ है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:02 से 12:51 तक, विजय मुहूर्त 2:30 से 3:19 तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6:35 से 6:58 तक रहेगा। वहीं अमृत काल दोपहर 1:05 से 2:38 तक का है, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए अत्यंत उत्तम माना जाता है।
अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल सुबह 10:54 बजे से 12:27 बजे तक रहेगा, जबकि यमगण्ड दोपहर 3:31 से 5:04 बजे तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 7:50 से 9:22 बजे तक रहेगा। इन समयों में किसी भी नए या शुभ कार्य को शुरू करने से बचना चाहिए।