मुख्यमंत्री की भूमिका बस एक संदेशवाहक की: अखिलेश यादव

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मुख्यमंत्री की भूमिका बस एक संदेशवाहक की: अखिलेश यादव

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  • Publish Date - May 10, 2026 / 09:18 PM IST,
    Updated On - May 10, 2026 / 09:18 PM IST

लखनऊ, 10 मई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में मंत्रिपरिषद के विस्तार को लेकर योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शासनकाल में मुख्यमंत्री की भूमिका बस एक “संदेश वाहक” की रह गई है।

वहीं भाजपा की प्रदेश इकाई के प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने पलटवार करते हुए कहा, “मेरी सलाह है कि उपदेशक की भूमिका छोड़कर अखिलेश जी कृष्णावतारम अपनी पार्टी के नेताओ के साथ देखे और खुद भी श्रीकृष्ण के संदेश को समझें।”

यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “समय बिताने के लिए करना है कुछ काम! वैसे भी मंत्रिमंडल के विस्तार में तो इनका (मुख्यमंत्री) कोई काम है नहीं।”

उन्होंने कहा, “उधर से पर्ची आएगी, यहां तो सिर्फ पढ़ी जाएगी। भाजपा राज में वैसे भी मुख्यमंत्री का मतलब बस यही रह गया है ‘कूरियर मैसेंजर’।”

श्रीवास्तव ने सपा प्रमुख के पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “सपा मुखिया अखिलेश यादव, ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल की जनता जनार्दन ने अपने कंस कर्मों का प्रायश्चित करने के लिए राजसत्ता से बाहर कर मजबूर कर दिया और अब संभवतः उन्हें अपने अंदर की बुराई के लिए प्रायश्चित करने का अवसर मिलेगा।”

उन्होंने कहा, “अखिलेश जी वर्ष 2012 से 2017 के अपनी सरकार में हुए “कंस कर्मों” के प्रायश्चित के जनता जनार्दन द्वारा मजबूर किए जाने के बावजूद वह कृष्णावतरम् से शिक्षा नही ले रहे हैं।”

प्रवक्ता ने कहा, “उन्हें (अखिलेश को) यह अभी तक समझ में ही नहीं आ रहा है कि वे अपनी सरकार के कंस कर्मों के प्रायश्चित को ही झेल रहे हैं।”

श्रीवास्तव ने कहा, “मेरी सलाह है कि उपदेशक की भूमिका छोड़कर अखिलेश जी कृष्णावतारम अपनी पार्टी के नेताओ के साथ देखे और खुद भी श्रीकृष्ण के संदेश को समझे और पार्टी के लोगो को भी बताएं। उपदेशक की भूमिका में योगयोगेश्वर श्री कृष्ण को ही रहने दें।”

उन्होंने आरोप लगाया, “आय से अधिक संपत्ति और परिवार तक ही पार्टी और सरकार को सीमित करने वाले लोगो के मुंह से लोभ लालच और स्वार्थ पर उपदेश शोभा नहीं देता।”

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने रविवार को ‘जन भवन’ में एक समारोह के दौरान छह नये समेत कुल आठ मंत्रियों को शपथ दिलायी।

भाषा आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र