होलिका दहन में कंडों का विशेष महत्व, जानिए उपलों को जलाने के फायदे

Ads

होलिका दहन में कंडों का विशेष महत्व, जानिए उपलों को जलाने के फायदे

  •  
  • Publish Date - March 8, 2020 / 04:51 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 02:48 PM IST

रायपुर। सोमवार को देशभर में हालिका का दहन किया जाएगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दहन में लकड़ियों के साथ बहुत से ऐसे चीजों को भी आग के हवाले कर दिया जाता है, जो हमारे वातावरण के लिए काफी नुकसानदायक होता है। देशभर में होलिका दहन में हजारों टन लकड़ियों के साथ प्लास्टिक के चीजों को भी जला दिया जाता है जबकि होलिका दहन में कंडों का विशेष महत्व है। 

पढ़ें- मुख्यमंत्री को महिला स्व-सहायता समूहों ने भेंट किया हर्बल गुलाल, मंदिरों और सीएम निवास से मिले फू…

दहन में कंडों का महत्व

होलिका दहन में कंडों का महत्व इसलिए महत्वपूर्ण है कि हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को श्राप था कि वह जिस किसी को भी अग्नि में लेकर बैठेगी उसमें वह तो बच जाएगी लेकिन बैठा हुआ व्यक्ति जल जाएगा।

पढ़ें- मोक्ष की नगरी में चिता भस्म से खेली गई होली, महाश्मशान पर होता है अनोखा आयोजन

गाय के गोबर से जो उपले बनाए गए थे उसमें इतनी अधिक शक्ति थी कि उसमें जो भी बैठेंगे वह भस्म हो जाएगा और जब होलिका भक्त प्रहलाद लेकर बैठी तो प्रहलाद तो बच गया लेकिन होलिका जल गई थी इस कारण होलिका में कंडों का विशेष महत्व है।

पढ़ें- संविलियन के बाद शिक्षाकर्मियों ने जताया पीसीसी चीफ मोहन मरकाम का आभार

इसके साथ ही जब वसंत ऋतु में सरसों की फसल होती है तो उसमें माहु लग जाती है, कंडों से जो धुआ निकलता है वह धुआं इन कीटनाशकों को मारने के लिए काफी प्रभावी होता है। इस कारण भी होली महोत्सव में कंडों का विशेष महत्व है। इसलिए लोगों को कंडों से होली जलाने का संदेश दिया जा रहा है।