Chandauli Lightning Strike/Photo Credit: AI
चंदौली/कन्नौज। Chandauli Lightning Strike: उत्तर प्रदेश में मानसून का आगमन हो चुका है, प्रदेश के कई हिस्सों में शनिवार को हुई बारिश, आंधी और तेज हवाओं के बीच चंदौली जिले में आकाशीय बिजली गिरने से दो महिलाओं व एक किशोरी की मौत हो गई, जबकि कन्नौज में जर्जर छत का हिस्सा व टिन शेड ढहने से सात लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।
Chandauli Lightning Strike पुलिस के अनुसार, चंदौली जिले के चकिया थाना क्षेत्र के बाजरडीहा गांव निवासी शकुंतला (68) की शनिवार दोपहर आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई।चकिया थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि शकुंतला अपराह्न करीब ढाई बजे अपने घर के बाहर झाड़ू लगा रही थीं तभी तेज हवाएं चलने लगीं व हल्की बारिश शुरू हो गई। सुरक्षित स्थान पर पहुंचने से पहले ही उन पर आकाशीय बिजली गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
Chandauli Lightning Strike उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है। शाम को चंदौली जिले में आकाशीय बिजली गिरने की एक और घटना में एक महिला और एक नाबालिग लड़की की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान रूबी (35) और लक्ष्मी (13) के तौर पर हुई है, दोनों चकिया इलाके के धनवाल कलां गांव की रहने वाली थीं।
Chandauli Lightning Strike चकिया के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) रघुराज ने बताया कि रूबी पिछले दो साल से गांव में रह रही थी। वह शाम करीब छह बजे लक्ष्मी के साथ चुप्पेपुर वनवासी बस्ती में लकड़ी इकट्ठा करने गई थी, तभी अचानक मौसम खराब हो गया। आकाशीय बिजली गिरने से दोनों बुरी तरह झुलस गईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कन्नौज जिले में हुई एक अन्य घटना में शनिवार दोपहर सदर कोतवाली क्षेत्र के बलनापुर कुटिया गांव में एक मकान की जर्जर छत का हिस्सा और टिन शेड ढह जाने से सात लोग घायल हो गए।
अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोग टिन शेड के नीचे बैठे थे, तभी अचानक ढांचा भरभराकर गिर पड़ा और वे मलबे के नीचे दब गए। पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर घायलों को बाहर निकाल कर जिला अस्पताल पहुंचाया। बाद में चिकित्सकों ने दो घायलों, राज और अरुण, की हालत गंभीर होने पर उन्हें तिर्वा स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
उप जिलाधिकारी (एसडीएम) नवनीता राय, तहसीलदार अवनीश कुमार तथा अन्य राजस्व अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया। राय ने बताया कि छत का हिस्सा काफी जर्जर हो चुका था और उसमें सीलन भी आ गई थी, जिसके कारण ढांचा कमजोर हो गया होगा। ग्रामीणों का कहना है कि छत गिरने से पहले हुई बारिश ने उसकी स्थिति को और खराब कर दिया था।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, शनिवार को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है।
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