Chaitra Amavasya 2026: 18 या 19 मार्च? इस साल चैत्र अमावस्या की सही तारीख क्या है? स्नान-दान का मुहूर्त जानना है जरूरी, वरना आपकी पूजा रह जाएगी अधूरी!

Chaitra Amavasya 2026: इस साल चैत्र अमावस्या को लेकर लोगों में भ्रम है कि यह 18 मार्च है या 19 मार्च। आइए जानते हैं इस अमावस्या की सही तारीख और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त, ताकि पूजा और दान का लाभ सही समय पर लिया जा सके।

Chaitra Amavasya 2026: 18 या 19 मार्च? इस साल चैत्र अमावस्या की सही तारीख क्या है? स्नान-दान का मुहूर्त जानना है जरूरी, वरना आपकी पूजा रह जाएगी अधूरी!

(Chaitra Amavasya 2026/ Image Credit: Meta AI)

Modified Date: March 16, 2026 / 10:41 am IST
Published Date: March 16, 2026 10:40 am IST
HIGHLIGHTS
  • चैत्र अमावस्या 2026: 19 मार्च।
  • स्नान-दान और तर्पण का शुभ मुहूर्त उपलब्ध।
  • पितरों का पिंडदान करने से आशीर्वाद मिलता है।

Chaitra Amavasya 2026 Kab Hai: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना गया है। साल में कुल 12 अमावस्या तिथियां आती है और हर अमावस्या का अपना धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है। इनमें से चैत्र महीने की अमावस्या को विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस दिन लोग स्नान, दान और पितरों का तर्पण करते हैं। इसे भूतड़ी अमावस्या भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव अधिक माना जाता है।

अमावस्या का महत्व

अमावस्या का दिन पितरों को समर्पित माना गया है। मान्यता है कि इस दिन पितरों का तर्पण और श्राद्ध कर्म करने से उनके आशीर्वाद बने रहते हैं। इसके अलावा इस दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा, पीपल के पेड़ की पूजा और सफेद वस्तुओं का दान करना विशेष फलदायी माना गया है।

इस साल चैत्र अमावस्या की सही तारीख

2026 में चैत्र अमावस्या की तिथि 18 मार्च को सुबह 08:26 बजे शुरू हो रही है और 19 मार्च को सुबह 06:53 बजे तक रहेगी। हिंदू पंचांग में उदया तिथि को अधिक महत्व दिया जाता है, इसलिए इस साल चैत्र अमावस्या 19 मार्च को मनाई जाएगी। इसी दिन स्नान, दान और पितरों का तर्पण करना सबसे शुभ माना गया है।

चैत्र अमावस्या 2026 के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:08 बजे से 05:56 बजे तक।
  • प्रातः संध्या मुहूर्त: सुबह 05:32 बजे से 06:44 बजे तक।
  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:22 बजे से 01:11 बजे तक।
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:47 बजे से 03:36 बजे तक।

चैत्र अमावस्या पर करने योग्य कार्य

इस दिन पितरों का तर्पण और पिंडदान करने से उनके आशीर्वाद प्राप्त होते हैं। सफेद वस्तुओं का दान करने से जीवन में सुख-शांति आती है। भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा करने से मनोबल बढ़ता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा का भी विशेष महत्व है।

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सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।