(Hartalika Teej Paran Muhurat/ Image Credit: IBC24 News)
Hartalika Teej Paran Muhurat: हरतालिका तीज हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण व्रतों में से एक माना जाता है। यह व्रत भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। इस साल हरतालिका तीज 14 सितंबर 2026 को मनाई जा रही है और व्रत का पारण (Hartalika Teej Paran Muhurat) 15 सितंबर को किया जाएगा। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं। मान्यता है कि विधि-विधान से व्रत करने से सुख-समृद्धि और मनचाहे फल की प्राप्ति होती है।
15 सितंबर को सूर्योदय से पहले उठकर घर और पूजा स्थान की सफाई करें। इसके बाद स्नान करके साफ कपड़े पहनें और भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा करें। पूजा में माता पार्वती को चढ़ाया गया सिंदूर अपनी मांग में लगाएं। इसके बाद पूजा में रखी मूर्तियों या प्रतीकों का विधि अनुसार विसर्जन करें। विसर्जन के बाद ही व्रत खोलें। पारण से पहले घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना शुभ माना जाता है। व्रत खोलने के लिए पूजा में चढ़ाया गया प्रसाद, जैसे काले चने, गुड़ या मिठाई और गंगाजल लिया जा सकता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हरतालिका तीज का पारण (Hartalika Teej Paran Muhurat) नमक वाली चीजों से नहीं करना चाहिए। पूजा के दौरान भगवान को चढ़ाए गए भोग से व्रत खोलना शुभ माना जाता है। पारण से पहले अग्निदेव को भोग अर्पित करने की भी परंपरा है। इसके बाद किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को दान करना शुभ माना जाता है। इससे व्रत की धार्मिक प्रक्रिया पूरी मानी जाती है।
हरतालिका तीज व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद करने की परंपरा है। इस साल 15 सितंबर को सूर्योदय करीब सुबह 5:54 बजे होगा। इसके बाद व्रती महिलाएं पूजा और अन्य जरूरी विधियां पूरी करके व्रत खोल सकती हैं।
मान्यता के अनुसार हरतालिका तीज (Hartalika Teej Paran Muhurat) के दिन व्रती को संयम और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। सुहागिन महिलाओं के लिए सोलह श्रृंगार और हाथों में मेहंदी लगाना शुभ माना जाता है। निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं को अगले दिन पारण के समय सबसे पहले जल ग्रहण करना चाहिए। हरतालिका तीज की रात जागरण और भगवान शिव-माता पार्वती की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में इस व्रत को अखंड सौभाग्य और मनचाहे जीवनसाथी की कामना से जोड़ा गया है।