Janmashtami Laddu Gopal for Home: हर कोई खरीदता है लड्डू गोपाल, लेकिन ये छोटी बात बहुत कम लोग जानते हैं! आपकी एक भूल पड़ सकती है भारी

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Janmashtami Laddu Gopal for Home: जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल की मूर्ति खरीदते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। मान्यता है कि गलत प्रतिमा घर में रखने से शुभ फल नहीं मिलता। इसलिए मूर्ति का स्वरूप, आकार और अन्य जरूरी बातों की जानकारी लेकर ही लड्डू गोपाल को घर लाएं।

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  • Publish Date - September 3, 2026 / 11:24 AM IST,
    Updated On - September 3, 2026 / 11:37 AM IST

(Janmashtami Laddu Gopal for Home/ Image Credit: Instagram)

HIGHLIGHTS
  • 4 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी जन्माष्टमी।
  • लड्डू गोपाल की मूर्ति खरीदते समय रखें खास ध्यान।
  • पीतल, अष्टधातु या चांदी की मूर्ति को माना जाता है शुभ।

Janmashtami Laddu Gopal for Home: हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार 4 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। जन्माष्टमी के आते ही बाजारो में रौनक बढ़ जाती है। दुकानों पर लड्डू गोपाल की अलग-अलग मूर्तियां, सुंदर पोशाक, मुकुट, बांसुरी और झूले नजर आने लगते हैं। कई भक्त इस दिन अपने घर के लिए लड्डू गोपाल की नई मू्र्ति (Laddu Gopal for Home) खरीदकर लाते हैं। अगर आप भी ऐसा करने वाले है तो मूर्ति खरीदते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

कैसी होनी चाहिए लड्डू गोपाल की मूर्ति?

वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर में लड्डू गोपाल की मूर्ति लाते (Laddu Gopal for Home) समय उसके धातु और स्वरूप पर ध्यान देना चाहिए। घर के मंदिर के लिए पीतल, अष्टधातु या चांदी से बनी मूर्ति को शुभ माना जाता है। वहीं, बहुत बड़ी मूर्ति रखने के बजाय छोटे आकार की प्रतिमा लेना सुविधाजनक रहता है। घर में नंबर 1, 2, 3 या 4 की मूर्ति को रखना आसान माना जाता है क्योंकि उनकी नियमित सेवा और स्नान आसानी से कराया जा सकता है। मूर्ति लेते समय बाल गोपाल के चेहरे पर प्यारी मुस्कान और आकर्षक बाल रूप देखना भी जरूरी माना जाता है।

ऐसी प्रतिमा घर लाने से बचें

जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल की मूर्ति खरीदते समय कुछ चीजों से बचने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, घर के मंदिर के लिए खंडित या टूटी हुई मूर्ति नहीं लानी चाहिए। इसी तरह काले रंग की प्रतिमा को भी घर में स्थापित करने से बचने की बात कही जाती है। इसलिए मूर्ति खरीदने से पहले उसे अच्छी तरह देखकर जांच लें कि कहीं उसमें कोई टूट-फूट या कमी तो नहीं है। सही प्रतिमा का चुनाव करने के बाद ही उसे घर लाना बेहतर माना जाता है।

घर लाने के बाद ऐसे करें श्रृंगार

लड्डू गोपाल को घर लाने के बाद (Laddu Gopal for Home) उनकी विधि-विधान से स्थापना करने की परंपरा है। मान्यता के अनुसार, जन्माष्टमी की तिथि या रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के समय बाल गोपाल को मंदिर में स्थापित करना शुभ माना जाता है। स्थापना से पहले दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से तैयार पंचामृत से उनका स्नान कराया जाता है। इसके बाद उन्हें साफ और विशेष रूप से पीले रंग के वस्त्र पहनाए जाते हैं। मुकुट, बांसुरी, मोरपंख और वैजयंती माला से उनका सुंदर श्रृंगार करके पूजा-अर्चना की जाती है।

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इस बार जन्माष्टमी का पर्व 4 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा।

लड्डू गोपाल की मूर्ति किस धातु की खरीदनी चाहिए?

मान्यताओं के अनुसार, पीतल, अष्टधातु या चांदी की मूर्ति घर के लिए शुभ मानी जाती है।

घर के लिए लड्डू गोपाल की मूर्ति कितनी बड़ी होनी चाहिए?

छोटे आकार की मूर्ति रखना सुविधाजनक माना जाता है। नंबर 1, 2, 3 या 4 की प्रतिमा ली जा सकती है।

कैसी लड्डू गोपाल की मूर्ति घर नहीं लानी चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, टूटी, खंडित या काले रंग की मूर्ति घर लाने से बचना चाहिए।