(शिरीष बी प्रधान)
काठमांडू, तीन सितंबर (भाषा) नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद तिब्बत में लगभग 100 नेपाली नागरिक लापता हैं। नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने यह जानकारी दी।
छेत्री ने बताया कि बाढ़ से नेपाल के कई शहरों और गांवों में तबाही मची है तथा मरने वालों की संख्या 1,200 से अधिक हो गई है, जबकि 4,875 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं।
छेत्री ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि रासुवा जिले की भोटेकोशी नदी में बह गए कम से कम 19 शव भारत में बरामद किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ये शव भोटेकोशी नदी से बहकर त्रिशूली और नारायणी नदी के जरिए भारत पहुंचे। उन्होंने कहा कि ये शव नेपाल के रूपन्देही और नवलपरासी पश्चिम जिलों से लगी भारतीय सीमा के निकट मिले हैं।
छेत्री ने बताया कि इन्हें नेपाली अधिकारियों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि अचानक आई बाढ़ के बाद से लगभग 100 नेपाली नागरिक तिब्बत में लापता हो गए।
उन्होंने बताया कि तीर्थयात्रा और व्यापार के लिए तिब्बत गए लगभग 3,000 नेपाली नागरिक वहां फंस गए थे, इनमें से 2,500 से अधिक लोग हिल्सा और तातोपानी सीमा चौकियों के रास्ते सुरक्षित नेपाल लौट चुके हैं। इनमें से कुछ लोग हवाई मार्ग से भी वापस आए हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि तिब्बत की केरुंग सीमा चौकी पर अब भी लगभग 1,500 नेपाली नागरिक फंसे हुए हैं और दोनों देशों के अधिकारी उन्हें सुरक्षित नेपाल लाने पर बातचीत कर रहे हैं।
नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट 26 अगस्त को हिमस्खलन के कारण अचानक बाढ़ आई थी। इससे उत्तरी और मध्य नेपाल के कई शहरों और गांवों में भारी तबाही हुई तथा हजारों लोग लापता हैं।
भाषा शोभना देवेंद्र
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