luck of these zodiac sign become rich with satta : प्राय: हर व्यक्ति चाहता है कि उसे अचानक भारी धनलाभ हो, चाहे वह नैतिक-अनैतिक किसी भी प्रकार से हो। इस अचानक लाभ के लिए व्यक्ति अपनी जमा पूंजी को भी लॉटरी, रेस, सट्टा आदि में बर्बाद कर देते हैं और अपना सुख-चैन खो बैठते हैं। इस तरह अपने परिश्रम से कमाई हुई दौलत को बर्बाद करने से पहले किसी विद्वान, ज्योतिष, हस्तरेखा शास्त्री से या स्वयं अपने प्रयासों से यह जान लें कि क्या वास्तव में आपके भाग्य में आकस्मिक धन लाभ प्राप्त होना है या नहीं?
जिनके दाहिने हाथ चंद्र के उभरे हुए भाग पर तारे का चिन्ह है और जिनकी अंतकरण रेखा शनि के ग्रह पर ठहरती है, ऐसे व्यक्तियों को रेस, लॉटरी आदि में बहुत लाभ मिलता है। जिनके दाहिने हाथ की बुध से निकलने वाली रेखा चंद्र के पर्वत से जा मिलती है और जिनकी जीवन रेखा भी चंद्र पर्वत पर जाकर रुक जाती है ऐसे व्यक्तियों को अचानक भारी लाभ होता है।
जिनकी भाग्य रेखा चंद्र पर्वत से निकल कर प्रभावी शनि में सम्पूर्ण विलीन हो जाती है, ऐसे भाग्यवान व्यक्तियों को अकल्पनीय धन लाभ होता है। जिनके दाहिने हाख पर दोहरी अंतकरण रेखा है और गौण रेख बुध तथा शनि के ग्रहों से जुड़ी हुई है ऐसे व्यक्तियों को रेस, लाटरी आदि में भारी लाभ होता है।
इसके विपरीत
जिनके हाथ की आयुष्य रेखा नेपच्यून ग्रह पर गई हो।
चंद्र और नेपच्यून पर्वत एक-दूसरे में घुलमिल गए हो।
हथेली में अंतकरण रेखा गुरु पर्वत पर ठहर गई हो।
जिनके शनि के उभरे हुए भाग पर फुली पड़ गई हो।
ऐसे व्यक्तियों को रेस, लाटरी इत्यादि में धन लाभ कभी नहीं होता, उनका पूरा जीवन कड़ा परिश्रम करने में ही गुजरता है, वे पैसे गंवाकर कंगाल बने रहते हैं।
जन्मकुंडली के अनुसार
जिनकी कुंडली में सप्तम स्थान में वृष राशि का चंद्र हो और लाभ स्थान में कन्या राशि का शनि हो, ऐसे व्यक्ति की पत्नी को भारी आकस्मिक धन लाभ होता है जब उनकी आयु 37 से 43 वर्ष के मध्य हो।
चंद्रमा और बुध स्थान में हो तो लॉटरी में या सट्टे में बहुत लाभ होता है।
दशम स्थान में कर्क राशि का चंद्र और धन स्थान में शनि हो तो अचानक धन लाभ होता है।
धनस्थान में 5 या इससे अधिक ग्रह हो तो बड़ा धन लाभ होता है।