Navratri Wishes 2nd day
Navratri Wishes 2nd day: नवरात्रि का दूसरा दिन, 23 सितंबर 2025, मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है। मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप सादगी और तप का प्रतीक है। वे सफेद वस्त्र धारण करती हैं, दाएं हाथ में जप माला और बाएं में कमंडल लिए हुए हैं। वे मंगल ग्रह की अधिष्ठात्री हैं और उनकी पूजा से साहस, आत्म-नियंत्रण, और आध्यात्मिक जागरण प्राप्त होता है। उनकी भक्ति और तप की शक्ति आपके जीवन में शांति, साहस और समृद्धि लाए। इन अनोखे और हार्दिक शुभकामना संदेशों के साथ अपनों को नवरात्रि की खुशियां बांटें। ये संदेश व्हाट्सएप, एसएमएस या सोशल मीडिया पर शेयर करने के लिए परफेक्ट हैं, जो भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम हैं।
नवरात्रि के दूसरे दिन उनकी पूजा से भक्तों का जीवन सकारात्मकता और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है। पूजा का शुभ मुहूर्त आज प्रातः 6:12 से 8:00 बजे तक (द्वितीया तिथि) और अभिजीत मुहूर्त 11:50 से 12:40 बजे तक है। पूजा में मां को चीनी और मिश्री का भोग लगाना शुभ माना जाता है।नवरात्रि के दूसरे दिन उनकी पूजा से भक्तों का जीवन सकारात्मकता और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है।
मां ब्रह्मचारिणी की कथा भगवान शिव के प्रति उनके अटूट तप और समर्पण से जुड़ी है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां शैलपुत्री (पहले दिन की देवी) के रूप में हिमालय की पुत्री पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तप किया।
पार्वती ने हजारों वर्षों तक जंगल में कठिन साधना की। उन्होंने पहले केवल फल-फूल खाए, फिर पत्तों पर निर्भर रहीं, और अंत में निर्जला उपवास किया। इस कठोर तप के कारण उन्हें ‘ब्रह्मचारिणी’ (ब्रह्म का अर्थ तप और चारिणी का अर्थ आचरण करने वाली) कहा गया। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया। यह कथा हमें सिखाती है कि दृढ़ संकल्प और तप से असंभव को भी संभव किया जा सकता है। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो जीवन में कठिनाइयों को पार करना चाहते हैं।