सोमवार के दिन भूलकर भी न करें ये काम, भगवान शिव हो जाते हैं नाराज, घेर लेती है कंगाली

सोमवार के दिन भूलकर भी न करें ये काम, भगवान शिव हो जाते हैं नाराज : You will Become poor to Do this work on Monday, Lord Shiva Being angry

  •  
  • Publish Date - January 15, 2023 / 11:24 PM IST,
    Updated On - January 15, 2023 / 11:24 PM IST

You will Become poor on Monday सोमवार को सृष्टि के संचालक शंकर भगवान का दिन माना जाता है। कहते हैं कि सोमवार के दिन उपवास करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। इस दिन भगवान शंकर की उपासना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान शंकर की प्रिय चीजें उन्हें अर्पित करना शुभ माना जाता है।

Read More : महिला से दुष्कर्म कर बनाया अश्लील वीडियो, फिर सोशल मीडिया पर किया वायरल, अब पहुंचा सलाखों के पीछे

You will Become poor on Monday कहा जाता है कि शिव जी को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए सोमवार का व्रत जरूर रखना चाहिए। इस दिन व्रत रखने और विधि पूर्वक पूजा करने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। यदि आप सोमवार का व्रत रखते हैं तो कुछ बातों को जानना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं सोमवार व्रत के नियम और इस दौरान कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए…

Read More : मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री भूपेश, की ये बड़ी घोषणा 

सोमवार व्रत के नियम

सोमवार के दिन शिव जी की पूजा और व्रत का विशेष महत्व होता है। यदि आप व्रत नहीं रख पा रहे हैं तो पूजा जरूर करें। सोमवार को सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर साफ वस्त्र ग्रहण करें। अगर संभव हो तो किसी मंदिर में जाकर शिवलिंग का जलाभिषेक करने के बाद व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करें और व्रत की कथा जरूर सुनें।

Read More : पूर्व महिला सांसद की सरेआम हत्या, बॉडीगार्ड को भी मारी गोली, इलाके में दहशत 

शिव जी की पूजा में न करें ये गलतियां

शिव जी की पूजा में अभिषेक के समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि दूध से अभिषेक करने के लिए तांबे के लोटे का इस्तेमाल न करें। कहा जाता है कि तांबे के पात्र में दूध डालने से दूध संक्रमित हो जाता है और चढ़ाने योग्य नहीं रह जाता। इसके अलावा एक और बात का ध्यान रखें कि शिवलिंग पर कभी भी रोली और सिंदूर का तिलक नहीं लगाना चाहिए। शिव जी की पूजा में चंदन के तिलक का इस्तेमाल करना चाहिए।