Republic Day 2026: रिपब्लिक डे को लेकर कन्फ्यूजन खत्म! जानिए इस साल 77वां है या 78वां गणतंत्र दिवस और कौन है चीफ गेस्ट?

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Republic Day 2026: इस साल हम 77वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। हर साल तारीख और गिनती को लेकर लोगों में भ्रम रहता है। इस लेख में यह साफ किया गया है कि सही संख्या क्या है और इस बार का गणतंत्र दिवस क्यों खास माना जा रहा है।

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  • Publish Date - January 25, 2026 / 03:01 PM IST,
    Updated On - January 25, 2026 / 03:12 PM IST

(Republic Day 2026/ Image Credit: Ministry Of Defence)

HIGHLIGHTS
  • 26 जनवरी 2026 को भारत मनाएगा 77वां गणतंत्र दिवस
  • संविधान लागू हुआ था 26 जनवरी 1950 को
  • भ्रम की वजह: वर्षों और आयोजनों की गलत गिनती

नई दिल्ली: 77th or 78th Republic Day 2026 हर साल गणतंत्र दिवस आते ही लोगों के मन में एक सवाल जरूर उठता है कि इस बार कौन सा गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा? ठीक उसी प्रकार अब यह प्रश्न है कि क्या इस बार भारत 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है या 78वां? यह भ्रम इसलिए होता है, क्योंकि लोग वर्षों की गिनती और आयोजनों को एक जैसा मान लेते हैं। लेकिन आधिकारिक और ऐतिहासिक गणना के अनुसार, 26 जनवरी 2026 को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) मनाएगा। यह बात पूरी तरह स्पष्ट और सही है।

गणतंत्र दिवस की गिनती कैसे होती है?

गणतंत्र दिवस की गिनती 1950 से शुरू होती है, जब पहली बार 26 जनवरी को भारत में यह दिवस मनाया गया था। उस पहले आयोजन को ‘पहला गणतंत्र दिवस’ माना गया। इसके बाद हर साल 26 जनवरी को एक नया आयोजन होता है और संख्या एक-एक बढ़ती जाती है। इस तरह हम बीते हुए वर्षों की नहीं, बल्कि कुल आयोजनों की संख्या गिनते हैं। इसी कारण 2025 में 76वां और 2026 में 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा, भले ही संविधान को लागू हुए 76 साल पूरे हो रहे हों।

77वां या 78वां समझिए पूरा गणित

अगर इसे आसान उदाहरण से समझें तो बात और स्पष्ट हो जाती है। साल 1950 पहला गणतंत्र दिवस मनाया गया, इसी प्रकार 1951 में दूसरा गणतंत्र दिवस, 2025 में 76वां गणतंत्र दिवस और इस बार 2026 में 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। ठीक इसी तरह 2021 में भारत ने 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाया था, जबकि आजादी 1947 में मिली थी। यानी राष्ट्रीय दिवसों की गिनती हमेशा समारोहों की संख्या से की जाती है, न कि वर्षों से।

गणतंत्र दिवस का ऐतिहासिक महत्व

भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी, लेकिन उस समय देश के पास अपना संविधान नहीं था। इसके बाद लगभग तीन साल तक संविधान सभा ने कड़ी मेहनत की। डॉ. भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान तैयार हुआ, जिसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। 26 जनवरी की तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि 1930 में इसी दिन ‘पूर्ण स्वराज’ की घोषणा की गई थी। इसी दिन भारत एक ब्रिटिश डोमिनियन से बदलकर एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य बना।

77वां गणतंत्र दिवस क्यों होगा खास?

इस बार 2026 का गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) कई मायनों में बेहद खास रहने वाला है। पहली बार परेड में दो वैश्विक नेता यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस साल की थीम ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पर आधारित होगी। कर्तव्य पथ पर 30 भव्य झांकियां दिखाई जाएंगी, जिनमें राज्यों और केंद्र सरकार के मंत्रालयों की झलक होगी। साथ ही, वायुसेना के 29 विमान आसमान में शानदार फ्लाईपास्ट करेंगे। कुछ नई सैन्य टुकड़ियां और अनोखे सांस्कृतिक दृश्य भी इस समारोह को बेहद यादगार बनाएंगे।

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26 जनवरी 2026 को भारत कौन सा गणतंत्र दिवस मनाएगा?

भारत 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा।

लोग 77वें और 78वें गणतंत्र दिवस को लेकर क्यों कन्फ्यूज होते हैं?

क्योंकि कई लोग बीते हुए वर्षों की गिनती कर लेते हैं, जबकि गणतंत्र दिवस की गिनती आयोजनों की संख्या से होती है।

भारत का पहला गणतंत्र दिवस कब मनाया गया था?

भारत का पहला गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 को मनाया गया था।

26 जनवरी की तारीख क्यों चुनी गई थी?

क्योंकि 1930 में इसी दिन ‘पूर्ण स्वराज’ की घोषणा की गई थी।