Fight between MLA vs former Home Minister
दुर्गः Fight between MLA vs former Home Minister नेताओं का बंगला प्रेम किसी से छिपा नहीं है और इस बार एक हुआ ये है कि छत्तीसगढ़ के पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू और भिलाई के वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन के बीच एक बंगले को लेकर ठन गई है। ताम्रध्वज साहू कह रहे हैं कि उन्होंने बंगला खाली नहीं किया है और रिकेश सेन के समर्थक ताला तोड़कर बंगले में घुस गए। अब बात ये भी चल रही है कि दोनों के बीच सहमति भी बन गई है, लेकिन सवाल ये है कि बंगला खाली करने को लेकर देरी हुई है या फिर बंगले में एंट्री करने की हड़बड़ी?
Fight between MLA vs former Home Minister दुर्ग जिले में इस वक्त बंगले को लेकर घमासान मचा हुआ है…वो जिले के 2 बड़े नेताओं के बीच पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू और बीजेपी विधायक विधायक रिकेश सेन एक बंगले को लेकर अब आमने सामने आ गए हैं। दरअसल बीजेपी विधायक रिकेश सेन के समर्थकों ने पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू के सेक्टर-9 भिलाई वाले BSP से अलॉटेड बंगले पर कब्जा कर लिया है। बकायदा पूजा अर्चना कर गृहप्रवेश भी कर लिया। बंगले की बाहरी दीवार पर BSP ने एक नोटिस भी चस्पा किया है जिसपर साफ लिखा हुआ है कि अब से ये बंगला विधायक रिकेश सेन को नियम शर्तों के साथ 2 साल के लिए आबंटित किया गया है। मामले को लेकर पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू का कहना है कि जब उन्होंने बंगला खाली ही नहीं किया गया तो ऐसे में BSP ने ये बंगला किसी दूसरे को कैसे अलॉट कर दिया? हालांकि विवाद बढ़ा तो बीजेपी विधायक रिकेश सेन ने बताया है कि उनके और ताम्रध्वज साहू के बीच आपसी सहमति बन गई है और बीजेपी विधायक रिकेश सेन इस बंगलेको खाली करने राजी हो गए हैं। तो वहीं ताम्रध्वज साहू ने कहा है कि बंगला खाली होने पर ही नियत समझ आएगी।
ऐसा ही कुछ मामला सामने आया दंतेवाडा में..दरअसल वहां विधायक चैतराम अटामी को शहर के पुराने रेस्ट हाउस को अस्थायी रूप से अलाट कर दिया गया है। विधायक ने सपरिवार गृह प्रवेश भी कर लिया है, और लाखों के कार्य इस रेस्ट हाउस में किये जा रहे हैं। ये रेस्ट हाउस लोक निर्माण विभाग के अधीन है लेकिन विभाग के अधिकारी इस कार्य के बारे में कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं। सवाल ये है कि जनता के मुद्दों को छोड़कर जनप्रतिनिधि अपने बंगले के लिए लड़ते रहेंगे तो फिर इलाके की समस्या का समाधान कैसे होगा।