मुस्लिम कोटा के लिए एससी, एसटी, ओबीसी के अधिकार छीनना कांग्रेस का एजेंडा : मप्र के मंत्री पटेल

मुस्लिम कोटा के लिए एससी, एसटी, ओबीसी के अधिकार छीनना कांग्रेस का एजेंडा : मप्र के मंत्री पटेल

मुस्लिम कोटा के लिए एससी, एसटी, ओबीसी के अधिकार छीनना कांग्रेस का एजेंडा : मप्र के मंत्री पटेल
Modified Date: April 28, 2024 / 11:23 pm IST
Published Date: April 28, 2024 11:23 pm IST

भोपाल, 28 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं मध्य प्रदेश के मंत्री प्रह्लाद पटेल ने रविवार को आरोप लगाया कि एससी, एसटी और ओबीसी के अधिकार छीनकर मुसलमानों को आरक्षण देना कांग्रेस का एक गुप्त एजेंडा है।

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का इरादा मुस्लिम तुष्टीकरण करने का है और बहुसंख्यक समुदाय के प्रति इसका विरोध लोगों को स्पष्ट हो गया है।

पटेल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कांग्रेस की यह साजिश देश को कमजोर और संवैधानिक मूल्यों को तार-तार कर देगी।’’

लोकसभा चुनाव के बीच, कांग्रेस पर भाजपा आरोप लगा रही है कि वह मुसलमानों को तरजीह दे रही है।

लोकसभा चुनाव सात चरणों में हो रहा है और दो चरणों का मतदान संपन्न हो चुका है।

मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन 1993 में किया गया था, लेकिन इसे 2018 में संवैधानिक दर्जा मिला। पटेल ने दावा किया कि 2004 में आंध्र प्रदेश की तत्कालीन सरकार ने मुसलमानों को सात-10 प्रतिशत आरक्षण देने की कोशिश की थी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मुस्लिम कोटा लाने की बार-बार कोशिश की और इससे जुड़े एक मामले की सुनवाई उच्चतम न्यायालय में चल रही है।

पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार ने कर्नाटक में मुस्लिम आरक्षण को खत्म कर दिया था जिसे कांग्रेस लेकर आई थी। उन्होंने कहा कि अब राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने इसे फिर से ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणी में शामिल कर दिया है।

उन्होंने कहा कि ‘‘एससी (अनुसूचित जाति), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अधिकारों को छीनना तथा इसे अपनी पसंद के समुदाय को देना कांग्रेस एवं ‘इंडी’ गठबंधन का गुप्त एजेंडा है।’’

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस दलितों, आदिवासियों और पिछड़ा वर्ग को मिलने वाले आरक्षण का हिस्सा मुसलमानों को देना चाहती है।

मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीट पर 19 अप्रैल से 13 मई के बीच चार चरणों में मतदान कराया जा रहा है।

भाषा सुभाष नेत्रपाल

नेत्रपाल


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