Owaisi on Pradhan Resignation: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर ओवैसी ने कहा, “हक की झूठ पर कामयाबी”.. फास्ट ट्रैक कोर्ट के ऐलान पर निशाना, बताया कितने लाख मामले हैं पेंडिंग

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इसे आंदोलन और संविधान की जीत बताया। उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट, पेपर लीक कानून और सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।

Owaisi on Pradhan Resignation: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर ओवैसी ने कहा, “हक की झूठ पर कामयाबी”.. फास्ट ट्रैक कोर्ट के ऐलान पर निशाना, बताया कितने लाख मामले हैं पेंडिंग

AIMIM Owaisi on Dharmendra Pradhan resignation || Image- ANI News file

Modified Date: July 25, 2026 / 10:54 pm IST
Published Date: July 25, 2026 10:53 pm IST
HIGHLIGHTS
  • ओवैसी ने इस्तीफे को आंदोलन की जीत बताया।
  • फास्ट ट्रैक कोर्ट व्यवस्था पर उठाए सवाल।
  • पेपर लीक कानून की प्रभावशीलता पर निशाना।

अब्दुल्ला खान/मुरादाबाद: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे आंदोलन और संविधान की जीत बताया। (Owaisi on Dharmendra Pradhan resignation) उन्होंने कहा कि यह “हक की झूठ पर कामयाबी” और आंदोलन में शामिल युवाओं की कुर्बानियों का नतीजा है।

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‘लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई जारी रहनी चाहिए’ : ओवैसी

ओवैसी ने कहा कि इस आंदोलन ने यह संदेश दिया है कि देश में तानाशाही नहीं चलेगी और सरकार को संविधान के दायरे में रहकर देश चलाना होगा। उन्होंने कहा कि संविधान ने हर नागरिक को अपने अधिकारों के लिए लड़ने का अधिकार दिया है और अब सभी विपक्षी दलों तथा लोगों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के दो साल पूरे हो चुके हैं और लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई जारी रहनी चाहिए।

पेलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा उठाते हुए ओवैसी ने आरोप लगाया कि चार लोगों को पेलेट गन से गोली मारी गई, जिनमें एक व्यक्ति की आंख की रोशनी जाने की नौबत आ गई। (Owaisi on Dharmendra Pradhan resignation) उन्होंने कहा कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और सरकार को पेलेट गन चलाने वालों पर एक्शन लेना चाहिए।

‘पेपर लीक की घटनाएं नहीं रुक रही’ ; ओवैसी

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे में हुई देरी पर भी ओवैसी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार 36 दिनों तक झुकने से बचती रही, लेकिन आखिरकार उसे फैसला लेना पड़ा।
पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए ओवैसी ने कहा कि कानून सख्त होने के बावजूद परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले ₹1 करोड़ जुर्माने का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर ₹10 करोड़ कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद पेपर लीक की घटनाएं नहीं रुक रही हैं।

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फास्ट ट्रैक कोर्ट व्यवस्था पर भी उन्होंने सरकार की आलोचना की। ओवैसी ने कहा कि 2019 में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए गए, जिन पर अब तक लगभग ₹1100 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। (Owaisi on Dharmendra Pradhan resignation) इसके बावजूद फास्ट ट्रैक कोर्ट में करीब 2.65 लाख मामले लंबित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में फास्ट ट्रैक कोर्ट व्यवस्था मजाक बनकर रह गई है।

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