लोकसभा चुनाव: मप्र में चौथे और अंतिम चरण की आठ सीट पर 71.72 प्रतिशत मतदान

लोकसभा चुनाव: मप्र में चौथे और अंतिम चरण की आठ सीट पर 71.72 प्रतिशत मतदान

लोकसभा चुनाव: मप्र में चौथे और अंतिम चरण की आठ सीट पर 71.72 प्रतिशत मतदान
Modified Date: May 13, 2024 / 09:37 pm IST
Published Date: May 13, 2024 9:37 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

भोपाल, 13 मई (भाषा) मध्य प्रदेश में आम चुनाव के चौथे और अंतिम चरण में आठ लोकसभा सीट पर सोमवार शाम छह बजे मतदान समाप्त होने तक 71.72 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, खरगोन में 75.79 प्रतिशत मतदान हुआ, इसके बाद देवास में 74.86 प्रतिशत, मंदसौर में 74.5 प्रतिशत, उज्जैन में 73.03 प्रतिशत, धार में 71.5 प्रतिशत, खंडवा में 70.72 प्रतिशत और इंदौर में 60.53 प्रतिशत मतदान हुआ।

अधिकारी ने बताया कि खरगोन में सबसे अधिक 75.79 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि इंदौर में सबसे कम 60.53 प्रतिशत मतदान हुआ।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अनुपम राजन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ये अस्थायी आंकड़े हैं और अंतिम संकलन के बाद इसमें बढ़ोतरी होगी।’’

उन्होंने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी बड़ी घटना की खबर नहीं है।

राजन ने कहा, 2019 में इन आठ सीट पर 75.65 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा, 2019 में राज्य की सभी 29 सीटों पर कुल 71.16 प्रतिशत मतदान हुआ।

एक अधिकारी ने बताया कि शाम छह बजे मतदान समाप्त होने पर सैलाना, धार और शाजापुर इलाकों में बारिश की सूचना मिली और जो मतदाता उस समय तक मतदान केंद्र पर आ गए थे, उन्हें अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अनुमति दी गई।

अधिकारियों ने कहा कि इंदौर में महेश दृष्टिहीन कल्याण संघ की कम से कम 70 दृष्टिबाधित महिलाएं निर्वाचन क्षेत्र में दूसरों के लिए एक उदाहरण स्थापित करके मतदान के लिए आईं।

दृष्टिबाधित महिलाओं ने शहर के ग्रीन फील्ड स्कूल में बने बूथ पर वोट डाला।

दिव्यांग ब्रांड एंबेसडर विक्रम अग्निहोत्री ने इंदौर के एक मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया और अपने पैर के अंगूठे पर स्याही लगवाई।

शुरुआती मतदाताओं में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार ने अपने गृहनगर उज्जैन में वोट डाला, जबकि रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, भाजपा उम्मीदवार अनीता चौहान और उनके मंत्री पति नागर सिंह ने मतदान किया।

भाजपा मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय और उनके परिवार के सदस्यों ने इंदौर में वोट डाला।

खंडवा लोकसभा सीट के तहत नेपानगर विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं का एक समूह सजी-धजी बैलगाड़ी में सवार होकर मतदान केंद्र पहुंचा।

मंदसौर में मतदानकर्मी एक बुजुर्ग मतदाता को व्हीलचेयर पर बैठाकर मतदान कराने के लिए ले जाते दिखे।

मंदसौर लोकसभा सीटों के अंतर्गत रहीमगढ़ और पिछला ग्राम पंचायतों में मतदाताओं ने शुरू में अनसुलझे मुद्दों का हवाला देते हुए मतदान में भाग लेने से इनकार कर दिया, लेकिन अधिकारियों द्वारा उन्हें शांत किया गया और मतदान केंद्रों पर लाया गया।

राज्य के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा और उनके परिवार ने भी मंदसौर लोकसभा सीट पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

राजन ने कहा कि इससे पहले दिन में बारिश के कारण खंडवा लोकसभा सीट के कुछ इलाकों और कुछ अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान बाधित हुआ, लेकिन मतदान शांतिपूर्ण रहा।

अधिकारियों के अनुसार, आठ निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम छह बजे समाप्त हुआ, जहां 18,007 मतदान केंद्र बनाए गए थे।

चौथे चरण में 69 पुरुष और पांच महिलाओं सहित कुल 74 उम्मीदवार मैदान में हैं।

इस चरण में कुल 1,63,70,654 पात्र मतदाता हैं, जिनमें 82,48,091 पुरुष, 81,22,175 महिलाएं और 388 ट्रांसजेंडर शामिल हैं।

राज्य के मालवा-निमाड़ क्षेत्र के 15 जिलों के 64 विधानसभा क्षेत्रों में फैले आठ निर्वाचन क्षेत्रों को भाजपा का गढ़ माना जाता है।

इंदौर लोकसभा सीट पर सबसे ज्यादा 14 उम्मीदवार हैं और खरगोन में सबसे कम पांच उम्मीदवार हैं।

आठ सीट में से, इंदौर में पात्र मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक 25,26,803 है, जबकि उज्जैन में सबसे कम 17,98,704 मतदाता हैं।

रतलाम में कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया (73) और राज्य के वन मंत्री नागर सिंह चौहान की पत्नी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार अनीता चौहान के बीच सीधा मुकाबला है।

इंदौर में, कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय कांति बम के अंतिम समय में अपना नामांकन वापस लेने और भाजपा में शामिल होने के बाद ‘उपरोक्त में से कोई नहीं (नोटा)’ विकल्प अप्रत्याशित रूप से सुर्खियों में आ गया है। हालांकि, बम के इस कदम ने भाजपा प्रत्याशी और निवर्तमान सांसद शंकर लालवानी के लिए एकतरफा मुकाबले का मंच तैयार कर दिया है।

लालवानी पिछली बार इंदौर से लगभग 5.4 लाख वोट से जीते थे। कांग्रेस ने मतदाताओं से ‘नोटा’ का बटन दबाने का आग्रह किया है।

मध्य प्रदेश की कुल 29 सीट में से 21 पर पहले तीन चरणों में 19 अप्रैल, 26 अप्रैल और सात मई को मतदान हुआ था। मतों की गिनती चार जून को होगी।

भाषा दिमो

संतोष धीरज

धीरज


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