घोटाले की जांच: मप्र सरकार ने 66 नर्सिंग कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया

घोटाले की जांच: मप्र सरकार ने 66 नर्सिंग कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया

घोटाले की जांच: मप्र सरकार ने 66 नर्सिंग कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया
Modified Date: May 28, 2024 / 08:13 pm IST
Published Date: May 28, 2024 8:13 pm IST

भोपाल, 28 मई (भाषा) मध्य प्रदेश सरकार ने कथित नर्सिंग कॉलेज घोटाले की सीबीआई जांच के सिलसिले में उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार 31 जिलों में 66 नर्सिंग कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया है।

यह घोटाला कई नर्सिंग कॉलेजों के कामकाज में घोर अनियमितताओं से संबंधित है, जिनमें बुनियादी ढांचे की कमी है। कुछ कॉलेज केवल कागजों पर मौजूद थे।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उच्च न्यायालय के आदेशानुसार 31 जिलों में 66 नर्सिंग कॉलेजों को बंद करने का निर्देश दिया है।

यादव ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि इन नर्सिंग कॉलेजों का कोई भी छात्र प्रभावित न हो और उनके लिए परीक्षा में बैठने की व्यवस्था की जाए।

सीएमओ ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त ने इन कॉलेजों की सूची संबंधित जिलाधिकारियों को भेज दी है और उन्हें उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार कार्य करने के लिए कहा है।

इन कॉलेजों की मान्यता पहले ही रद्द कर दी गई है। इंदौर समेत कई जिलों में ऐसे कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी गई। सूची में बैतूल के आठ, भोपाल के छह, इंदौर के पांच, छतरपुर, धार और सीहोर के चार-चार, नर्मदापुरम के तीन, भिंड, छिंदवाड़ा, जबलपुर, झाबुआ, मंडला, रीवा, सिवनी और शहडोल के दो-दो कॉलेज हैं।

अलीराजपुर, अनुपपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, मुरैना, पन्ना, सागर, टीकमगढ़, उज्जैन, उमरिया, विदिशा और श्योपुर में एक-एक कॉलेज भी इस सूची में शामिल है।

सीबीआई के एक प्रवक्ता ने पहले कहा था, ‘सीबीआई और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, भोपाल ने उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में सात कोर टीम और तीन- चार सहायता टीम का गठन किया, जिनमें सीबीआई के अधिकारी, मध्य प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों द्वारा नामित अधिकारी और पटवारी शामिल हैं।’’

हाल में एक सीबीआई अधिकारी को एजेंसी की जांच के दायरे में आने वाले एक नर्सिंग कॉलेज के अध्यक्ष से कथित तौर पर 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। इस घटना के बाद सीबीआई ने अपने इंस्पेक्टर राहुल राज की सेवाएं समाप्त कर दीं।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि मध्य प्रदेश में नर्सिंग कॉलेज घोटाला मामले की सीबीआई जांच से पता चला है कि इसके अधिकारी निरीक्षण के बाद अनुकूल रिपोर्ट देने के लिए प्रत्येक संस्थान से कथित तौर पर दो से 10 लाख रुपये ले रहे थे।

भाषा दिमो राजकुमार

राजकुमार


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