अगरवाला ने ईएफआई की एशियाड की ड्रेसेज टीम चयन प्रक्रिया के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की

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अगरवाला ने ईएफआई की एशियाड की ड्रेसेज टीम चयन प्रक्रिया के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की

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  • Publish Date - June 19, 2026 / 10:41 PM IST,
    Updated On - June 19, 2026 / 10:41 PM IST

(अमनप्रीत सिंह)

नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) ओलंपियन ड्रेसेज राइडर अनुष अगरवाला ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की और जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम के चयन को लागू करने पर रोक लगाने की मांग की क्योंकि उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया था।

अगरवाला ने भारतीय घुड़सवारी महासंघ (ईएफआई) के कामकाज को देखने वाली तदर्थ समिति के ‘मनमाने और गैर-कानूनी कदमों’ के खिलाफ तुरंत कानूनी दखल की मांग की।

ईएफआई ने एशियाई खेलों के लिए भारत की ड्रेसेज टीम का चयन कर लिया है जिसमें श्रुति वोरा (मैग्ननिमस), गौरव पुंडीर (मिल्ली), जय सूद (गूफी ला पर्ला) और हृदय छेड़ा (डोनो डि मैगियो) शामिल हैं। अगरवाला को टीम में नहीं चुना गया। उन्होंने पेरिस ओलंपिक में भाग लिया था तथा वह हांगझोऊ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम के सदस्य थे। एशियाई खेलों के लिए उन्हें रिजर्व खिलाड़ियों में रखा गया है।

उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय से मुख्य रूप से 16 जून 2026 की चयन सूची को रद्द करने, विवादित चयन सूची के अमल और लागू करने पर रोक लगाने, चयन समिति का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दोबारा गठन करने और चयन के नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग कीं।

यह रिट याचिका तब दायर की गई जब चयन प्रक्रिया को लेकर उनके और ईएफआई की तदर्थ समिति के बीच फिर से तीखी बहस हुई।

समिति ने अनुष पर ‘गलत’ और ‘भ्रामक’ दावे करने का आरोप लगाया है, जबकि राइडर ने इन आरोपों को साबित करने के लिए पुख्ता सबूत पेश करने के लिए कहा है।

आरोप प्रत्यारोप का यह दौर बृहस्पतिवार को ईमेल के जरिए हुआ। इससे एक दिन पहले अगरवाला ने एशियाई खेलों के लिए भारत की ड्रेसेज टीम की चयन प्रक्रिया का विवरण मांगा था।

ईएफआई के सहायक सचिव नफे सिंह कादियान के एक मेल में महासंघ ने कहा कि अगरवाला ने 18 जून को हुई बैठक के संबंध में जो बयान दिए उनमें से कई ‘‘गलत और भ्रामक हैं तथा उनका खंडन किया जाता है।’’

तदर्थ समिति ने कहा कि अगरवाला को चयन समिति के सदस्य कर्नल संदीप दीवान के साथ व्यक्तिगत मुलाकात का अवसर दिया गया था, जबकि चयन मानदंडों के तहत ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं थी।

महासंघ ने कहा कि कादियान की उपस्थिति में इस घुड़सवार की बात विस्तार से सुनी गई और उन्हें अपने दावों को सही साबित करने के लिए सबूत पेश करने को कहा गया था।

ईएफआई पैनल ने कहा के टीम का अंतिम चयन निर्धारित मानदंडों के अनुसार किया गया। उसने इसके साथ ही कहा कि 15 जून को की गई सिफारिशों की समीक्षा या संशोधन के लिए कोई आधार नहीं पाया गया है।

अगरवाला ने गुरुवार को बाद में अपने जवाब में, ईएफआई के इस आरोप को खारिज कर दिया कि उन्होंने झूठे या गुमराह करने वाले बयान दिए थे।

अगरवाला ने लिखा, ‘‘आरोप पूरी तरह से निराधार हैं और ऐसा लगता है कि मैंने लगातार जो मसले उठाए हैं, यह उनसे ध्यान हटाने का प्रयास है।’’

घुड़सवार ने 18 जून की बैठक के बारे में ईएफआई के विवरण पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इसमें ईएफआई ड्रेसेज चयन समिति के सदस्य संदीप दीवान की बेटी नाओमी जूलिया दीवान की उपस्थिति का उल्लेख नहीं किया गया था।

उन्होंने इसका स्पष्टीकरण मांगा कि वह किस हैसियत से बैठक में शामिल हुईं और ईएफआई के बैठक के विवरण में उनकी उपस्थिति का खुलासा क्यों नहीं किया गया। उन्होंने ईएफआई पर विरोधाभासी रुख अपनाने का भी आरोप लगाया।

भाषा पंत नमिता

नमिता