(अपराजिता उपाध्याय)
ग्लास्गो, 29 जुलाई (भाषा) गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने खुलासा किया है कि अहमदाबाद में 2030 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों को अब तक का सर्वश्रेष्ठ और सबसे सफल खेल बनाने के उद्देश्य से भारत का एक प्रतिनिधिमंडल इसके आयोजन की बारीकियों को सीखने के लिए वर्तमान में यहां प्रशिक्षण ले रहा है।
अहमदाबाद 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों के 100 साल पूरे होने पर इन खेलों की मेजबानी करेगा। इससे पहले भारत ने 2010 में नयी दिल्ली में इन खेलों की मेजबानी की थी।
गुजरात में खेल मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे संघवी ने कहा कि खेलों के संचालन के विभिन्न पहलुओं से जुड़े अधिकारी ग्लास्गो की यात्रा पर आए हैं ताकि वह इन खेलों के आयोजन से जुड़े हर पहलू का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकें।
संघवी ने मंगलवार को यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं खिलाड़ियों को बधाई देना चाहता हूं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अहमदाबाद 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए तैयार हो रहा है। हमारी टीम प्रबंधन से लेकर खेलों के आयोजन की योजना बनाने का प्रशिक्षण लेने के लिए यहां आई है।’’
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल दो अगस्त तक खेल कूटनीति से जुड़े सत्रों में भी भाग लेगा।
संघवी ने कहा, ‘‘खेल कूटनीति और 2030 में खेलों का आयोजन कैसे करना चाहिए इस पर चर्चा के लिए दो अगस्त तक प्रशिक्षण सत्र और कूटनीति सत्र आयोजित किए जाएंगे। हमने स्कॉटलैंड-भारत खेल शिखर सम्मेलन के लिए एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी आमंत्रित किया है।’’
संघवी के अनुसार आयोजन स्थलों, परिवहन, मान्यता पत्र (एक्रीडिटेशन), खिलाड़ियों के आवास और खेलों के समग्र संचालन के लिए जिम्मेदार अधिकारी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘खेल स्थलों, पार्किंग सुविधाओं, मान्यता पत्र, खेल सुविधाओं, खिलाड़ियों के आवास और खेलों के आयोजन की योजना से जुड़ी हमारी सभी टीमें यहां मौजूद हैं। मैं खेल समिति के साथ अवलोकन सत्रों में भी भाग लूंगा और हम दो अगस्त को होने वाले समारोह में शामिल होंगे जहां हमें राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की कमान सौंपी जाएगी।‘‘
गुजरात के उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अहमदाबाद में हजारों खिलाड़ियों और अधिकारियों की सफल मेजबानी के लिए अंतरराष्ट्रीय महासंघों के साथ बातचीत करना और उनकी अपेक्षाओं को समझना महत्वपूर्ण होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हर महासंघ के अपने नियम होते हैं और जब हजारों खिलाड़ी अहमदाबाद आएंगे तो आवास और सुविधाओं को लेकर उनकी कुछ अपेक्षाएं होगी। हम इसकी सीख लेना चाहते हैं और जानना चाहते हैं कि क्या जरूरी है।’’
भाषा
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