एआईटीए ने विदेशी दौरों पर खर्च में बड़ी कटौती की, अधिकारियों के दैनिक भत्ते को घटाकर 450 डॉलर किया
एआईटीए ने विदेशी दौरों पर खर्च में बड़ी कटौती की, अधिकारियों के दैनिक भत्ते को घटाकर 450 डॉलर किया
(अमनप्रीत सिंह)
नयी दिल्ली, 25 जुलाई (भाषा) अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) ने शनिवार को प्रशासनिक सुधारों की एक श्रृंखला को मंजूरी दी जिसमें अधिकारियों के विदेशी दौरों पर मिलने वाले दैनिक भत्ते को 700 अमेरिकी डॉलर से घटाकर 450 अमेरिकी डॉलर कर दिया गया है और विदेश यात्राओं के लिए सख्त नियम भी लागू किए गए हैं।
ये फैसले एआईटीए की कार्यकारी समिति की बैठक में लिए गए। बैठक में जूनियर खिलाड़ियों के लिए विदेशों में ट्रेनिंग शिविर आयोजित करने और भारत में ‘हाई-परफॉर्मेंस कोचिंग’ परीक्षा आयोजित कराने जैसे कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
संशोधित यात्रा नीति के अनुसार, विदेश यात्रा पर जाने वाले अधिकारियों को अब होटल खर्च के लिए प्रतिदिन 250 अमेरिकी डॉलर और स्थानीय परिवहन, भोजन तथा अन्य खर्चों के लिए 200 अमेरिकी डॉलर मिलेंगे। इससे पहले एआईटीए प्रतिदिन कुल 700 अमेरिकी डॉलर का भुगतान करता था।
इसके अलावा आधिकारिक विदेशी दौरे की अधिकतम अवधि अब चार दिन कर दी गई है। पहले अधिकारी अधिकतम सात दिनों तक विदेश यात्रा कर सकते थे।
कार्यकारी समिति ने यह भी तय किया कि अब केवल एआईटीए के वर्तमान पदाधिकारी या संघ द्वारा विशेष रूप से नामित व्यक्ति ही आधिकारिक विदेशी यात्रा के पात्र होंगे।
नयी नीति के तहत पूर्व अध्यक्षों और पूर्व महासचिवों को इस सुविधा से बाहर कर दिया गया है जिन्हें पहले कुछ मौकों पर विदेश यात्रा की अनुमति मिलती थी।
कार्यकारी समिति के एक सदस्य ने पीटीआई से कहा, ‘‘ये सही दिशा में उठाए गए कदम हैं। हम चाहते हैं कि एआईटीए एक ऐसा खेल संगठन बने जो खिलाड़ियों और खेल के विकास को तेजी से आगे बढ़ाए। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम भारतीय टेनिस से जुड़ी हर नकारात्मक और खराब व्यवस्था को बदलना चाहते हैं। आज की बैठक में किसी ने भी इन सुधारों का विरोध नहीं किया। इस टीम में भारतीय टेनिस को बदलने की इच्छाशक्ति है। ’’
नयी यात्रा नीति ने तीन मई 2022 को एआईटीए की वित्त एवं कानूनी समिति द्वारा स्वीकृत पुराने नियमों की जगह ले ली है। उस नीति के तहत अध्यक्ष, महासचिव और आईटीएफ या एटीएफ बोर्ड में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व पदाधिकारियों को अधिकतम सात दिनों तक प्रतिदिन 700 अमेरिकी डॉलर की एकमुश्त राशि दी जाती थी जिसमें होटल, भोजन, स्थानीय परिवहन और अन्य खर्च शामिल होते थे।
अगर होटल की व्यवस्था अलग से की जाती थी तो उन्हें प्रतिदिन 300 अमेरिकी डॉलर दिए जाते थे। इसके अलावा बिजनेस क्लास हवाई यात्रा का पूरा खर्च एआईटीए वहन करता था। वहीं कार्यकारी समिति के सदस्यों को इकोनॉमी क्लास हवाई टिकट, प्रतिदिन 175 अमेरिकी डॉलर तथा होटल के लिए अधिकतम 150 अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया जाता था।
पिछले कार्यकाल के दौरान यह उदार यात्रा नीति विवादों में रही थी। पूर्व एआईटीए अध्यक्ष अनिल जैन पर आरोप लगा था कि उन्होंने खुद अपने और अपनी पत्नी के ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट दौरों पर लगभग एक करोड़ रुपये खर्च किए जिसके बाद उनकी काफी आलोचना हुई थी।
नयी कार्यकारी समिति ने अब परिवार के सदस्यों की एआईटीए के खर्च पर यात्रा पर रोक लगा दी है। साथ ही ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में आधिकारिक यात्रा केवल तभी होगी, जब उसी स्थान पर अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ (आईटीएफ) की कोई आधिकारिक बैठक आयोजित हो रही हो।
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में समिति ने स्पष्ट किया कि यदि आईटीएफ की आधिकारिक बैठक नहीं होगी तो किसी भी अधिकारी को एआईटीए के खर्च पर ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।
यात्रा के नए दिशानिर्देशों के अनुसार तीन घंटे से कम अवधि की उड़ानों में अधिकारी इकोनॉमी क्लास में यात्रा करेंगे जबकि चार घंटे से अधिक की उड़ानों के लिए बिजनेस क्लास की सुविधा मिलेगी।
प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ कार्यकारी समिति ने खिलाड़ियों और कोचों के विकास के लिए भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए।
महासंघ ने तय किया है कि भारत की विभिन्न जूनियर टीम को एक महीने के ट्रेनिंग शिविर और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का अनुभव दिलाने के लिए विदेश भेजा जाएगा। यह दीर्घकालिक खिलाड़ी विकास कार्यक्रम का हिस्सा होगा।
इसके अलावा इस वर्ष दिसंबर में भारत में ‘हाई-परफॉर्मेंस कोचिंग’ कोर्स आयोजित किया जाएगा जिससे भारतीय कोचों को विदेश गए बिना उन्नत कोचिंग प्रमाणपत्र प्राप्त करने का मौका मिलेगा।
एआईटीए देशभर से लगभग 25 आर्थिक रूप से कमजोर महिला कोच के लिए एक महिला कोच सेमिनार भी आयोजित करेगा। इसमें प्रतिभागियों के रहने और खाने का खर्च एआईटीए और भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) संयुक्त रूप से वहन करेंगे।
महासंघ ने सितंबर से नवंबर 2026 के बीच दिल्ली में पहली बार ‘ऑल वुमैन कोच’ कोर्स आयोजित करने का भी प्रस्ताव रखा है। इसके बाद फरवरी 2027 में राष्ट्रीय कोच कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
कार्यकारी समिति की यह बैठक एआईटीए की आम बैठक से एक दिन पहले हुई जिसमें संगठन के प्रशासन और संविधान से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
भाषा नमिता आनन्द
आनन्द

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