अनाहत की नजरें एशियाई खेलों पर

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अनाहत की नजरें एशियाई खेलों पर

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  • Publish Date - July 27, 2026 / 09:56 PM IST,
    Updated On - July 27, 2026 / 09:56 PM IST

कोलकाता, 27 जुलाई (भाषा) विश्व जूनियर स्क्वाश खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी अनाहत सिंह ने कहा कि वह आगामी एशियाई खेलों में खुद को कमतर नहीं मानती और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का सामना करने को बेताब हैं ।

जापान में सितंबर अक्टूबर में होने वाले एशियाई खेलों में महिला और पुरूष एकल खिताब जीतने वाले खिलाड़ी को लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में सीधे प्रवेश मिलेगा जिसमें स्क्वाश पहली बार खेला जायेगा ।

अनाहत ने भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा कराई गई वर्चुअल बातचीत में कहा ,‘‘ हर स्क्वाश खिलाड़ी यह सोचकर खुश है कि ओलंपिक में यह खेल शामिल हो रहा है । किसी स्क्वाश खिलाड़ी ने कभी सोचा नहीं था कि यह मौका मिलेगा क्योंकि यह पहले ओलंपिक का हिस्सा नहीं था ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ मैं एशियाई खेलों के जरिये ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करना चाहती हूं । अगर ऐसा कर सकी तो स्क्वाश में ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय बनूंगी । अगर इस रास्ते नहीं जा पाती हूं तो भी क्वालीफाई करने के तरीके हैं तो ज्यादा दबाव नहीं है ।’’

उन्होंने मानसिक दृढता का श्रेय कोच ग्रेगरी गॉतियेर और मेंटोर सौरव घोषाल को दिया ।

उन्होंने कहा ,‘‘ मैने दबाव का बेहतर ढंग से सामना करना सीख लिया है । मैं बढत बनाने के बावजूद हार रही थी लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ । सौरव के वहां रहने से काफी फायदा मिला । ग्रेग और सौरव ने मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने पर काफी काम किया ।’’

भाषा

मोना आनन्द

आनन्द