Commonwealth Games 2026/Image Credit: X Handle
Commonwealth Games 2026: नई दिल्ली/रायपुर: ग्लास्गो (स्कॉटलैंड) में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने प्रदेश के साथ-साथ देश का नाम भी रोशन किया है। ज्ञानेश्वरी यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में एक और पदक डाल दिया है। ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं के 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। ज्ञानेश्वरी यादव प्रदेश की संस्कारधानी राजनांदगांव की रहने वाली है।
ज्ञानेश्वरी यादव ने प्रतियोगिता के दौरान शानदार लिफ्ट लगाकर अपनी क्षमता का परिचय दिया। उन्होंने पहले चरण में 82 किलोग्राम, 85 किलोग्राम और 88 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। (Commonwealth Games 2026) इसके बाद क्लीन एंड जर्क राउंड में 103 किलोग्राम से शुरुआत की और फिर 107 किलोग्राम तथा 111 किलोग्राम वजन उठाकर पदक की दौड़ में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें सिल्वर मेडल दिलाया।
#WATCH ग्लासगो, स्कॉटलैंड | 2026 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं की 53 किलोग्राम कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीतने पर वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने कहा, “मेरा एकमात्र मकसद अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना था। मैंने अपना बेस्ट करके सिल्वर मेडल लाया है तो इसमें मैं बहुत खुश हूं।… https://t.co/gKpen7o2vn pic.twitter.com/GzATqXunWj
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 27, 2026
Commonwealth Games 2026: महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में नाइजीरिया की खिलाड़ी दिदीह ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जबकि ज्ञानेश्वरी यादव दूसरे स्थान पर रहीं और उन्होंने रजत पदक जीता। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने भारत की पदक तालिका में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
खेल के साथ-साथ ज्ञानेश्वरी यादव एक जिम्मेदार सरकारी पद भी संभाल रही हैं। वह छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के पद पर कार्यरत हैं। (Commonwealth Games 2026) नौकरी और खेल के बीच संतुलन बनाकर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा मानी जा रही है।
Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वेटलिफ्टिंग भारत के लिए लगातार सफलता लेकर आई है। ज्ञानेश्वरी यादव का यह पदक इस खेल में भारत का चौथा पदक है। इससे पहले मीराबाई चानू ने गोल्ड मेडल जीता था, जबकि राजा मुथुपाडी और रिशिकांता सिंह ने सिल्वर मेडल अपने नाम किए थे. ज्ञानेश्वरी के पदक के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या पांच हो गई है।
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