बड़ी छलांग अभी बाकी है: ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों से पहले आत्मविश्वास से भरे श्रीशंकर

बड़ी छलांग अभी बाकी है: ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों से पहले आत्मविश्वास से भरे श्रीशंकर

बड़ी छलांग अभी बाकी है: ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों से पहले आत्मविश्वास से भरे श्रीशंकर
Modified Date: July 21, 2026 / 08:17 pm IST
Published Date: July 21, 2026 8:17 pm IST

नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) लंबी कूद के अनुभवी भारतीय खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर का मानना ​​है कि करियर के लिए खतरनाक चोट से मजबूती से वापसी करने के बाद उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अभी आना बाकी है और उन्हें यकीन है कि ग्लास्गो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में वह ‘बड़ी कूद’ लगाने में सफल होंगे।

इस 27 वर्षीय एथलीट ने 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 8.08 मीटर की छलांग के साथ रजत पदक जीता था। 2024 में सर्जरी के बाद उन्होंने इस सत्र में शानदार वापसी की है और भारतीय एथलेटिक्स के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में रहे हैं।

इस सत्र की शुरुआत में भुवनेश्वर में आयोजित अंतरराज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में श्रीशंकर ने 8.38 मीटर की छलांग लगाकर अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी की। इसके बावजूद उनका मानना है कि वह अपनी पूरी क्षमता तक अभी नहीं पहुंचे हैं।

श्रीशंकर ने ऑनलाइन बातचीत के दौरान कहा, ‘‘भुवनेश्वर में 8.38 मीटर की छलांग से सभी खुश थे, लेकिन मुझे लगा कि वह मेरे लिए उससे बेहतर प्रदर्शन वाला दिन था। सर्जरी के बाद अच्छी वापसी होने से खुशी जरूर थी, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि मुझमें अभी एक और बड़ी छलांग बाकी है।’’

केरल के इस खिलाड़ी ने अपनी वापसी का श्रेय लंबे रिहैबिलिटेशन (चोट से उबरने की प्रक्रिया) को दिया। उन्होंने कहा कि अब उनकी शारीरिक क्षमता चोट से पहले की तुलना में और बेहतर हो गई है।

श्रीशंकर ने कहा, ‘‘मेरी फिटनेस पहले से भी बेहतर हो चुकी है। मेरी गति बढ़ी है, छलांग लगाने की क्षमता भी बेहतर हुई है। अब जरूरत सिर्फ इन सभी चीजों को एक साथ जोड़ने की है।’’

श्रीशंकर ने कहा कि इस सत्र में भारतीय पुरुष लंबी कूद का स्तर अभूतपूर्व रूप से ऊंचा हुआ है। कई भारतीय खिलाड़ी आठ मीटर की बाधा पार कर चुके हैं, जिससे घरेलू प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी हो गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराज्यीय प्रतियोगिता में मैं भारत का चौथे नंबर का लंबी कूद खिलाड़ी था। हमारे चार खिलाड़ी 8.20 मीटर और दो खिलाड़ी 8.30 मीटर से अधिक की छलांग लगा चुके हैं। भारतीय लंबी कूद का स्तर काफी ऊपर पहुंच चुका है।’’

उन्होंने कहा कि अब आठ मीटर की छलांग कोई बड़ी उपलब्धि नहीं रह गई है।

ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों को लेकर श्रीशंकर ने कहा कि इस बार उनका लक्ष्य बर्मिंघम के रजत पदक को स्वर्ण में बदलना है।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछली बार मैंने 8.08 मीटर की छलांग के साथ रजत पदक जीता था। इस बार पदक का रंग बदलने की संभावनाएं काफी अच्छी दिख रही हैं।’’

उन्होंने बताया कि पोलैंड में प्रशिक्षण लेने से उन्हें स्कॉटलैंड की परिस्थितियों और मोंडो ट्रैक के अनुरूप खुद को ढालने में मदद मिली है।

भाषा आनन्द सुधीर

सुधीर


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