पटना, 26 जनवरी (भाषा) बल्लेबाज पीयूष सिंह के दूसरी पारी में शानदार दोहरे शतक और सूरज कश्यप तथा हिमांशु सिंह की धारदार गेंदबाजी के दम पर बिहार ने रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप के फाइनल में सोमवार को यहां मणिपुर को 568 रनों के बड़े अंतर से रौंदते हुए खिताब के साथ एलीट ग्रुप में अपनी वापसी पक्की की।
बिहार का रणजी ट्रॉफी सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। टीम ने 2022-23 सत्र में कुछ समय के लिए एलीट ग्रुप में जगह बनाई थी लेकिन 2024-25 में फिर से प्लेट ग्रुप में खिसक गई थी।
कप्तान साकिबुल गनी के नेतृत्व में फिर से शीर्ष स्तर पर लौटकर बिहार अपनी क्रिकेट टीम के पुनर्निर्माण के दौर को आगे बढ़ा रहा है, जिसमें किशोर प्रतिभाशाली बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी से काफी उम्मीदें जुड़ी हैं।
बिहार ने सोमवार को दूसरी पारी छह विकेट पर 505 रन पर घोषित करते हुए मणिपुर को जीत के लिए 764 रन का लगभग असंभव जैसा लक्ष्य दिया।
इससे पहले रघुवेंद्र प्रताप सिंह अपने बीते दिन के स्कोर 90 से आगे नहीं बढ़ सके और शतक से चूक गए।
पहली पारी में 522 रन बनाने के बाद बिहार ने मणिपुर को 264 रन पर समेट दिया था। दूसरी पारी में भी मणिपुर की टीम 195 रन पर आउट हो गई।
पांचवें और अंतिम दिन सूरज कुमार कश्यप और हिमांशु सिंह की स्पिनरों की जोड़ी ने तीन-तीन विकेट चटकाए।
कप्तान गनी (108) और बिपिन सौरभ (143) पहली पारी में शतक जड़कर इस एकतरफा जीत के मुख्य शिल्पकार रहे। इसके बाद पीयूष सिंह ने दूसरी पारी में 322 गेंदों पर नाबाद 216 रन बनाकर मणिपुर के खिलाफ रनों का अंबार लगा दिया।
बिहार ने आखिरी दिन महज नौ गेंदों के बाद ही पारी घोषित कर दी। रघुवेंद्र टीम के रात के स्कोर 505 में कोई इजाफा नहीं कर सके।
बिहार के गेंदबाजों ने 14 ओवर के भीतर ही मणिपुर को 50 रन पर पांच विकेट झटक कर मणिपुर पर शिकंजा कस दिया। टीम ने 23वें ओवर में 70 रन पर सात विकेट गंवा दिये।
किशोर बल्लेबाज फेइरोइजाम जोतिन ने 102 गेंदों पर 74 रन की जुझारू पारी खेलकर कुछ देर तक बिहार के आक्रमण को रोके रखा। 19 वर्षीय जोतिन ने आठवें विकेट के लिए एल. किशन सिंघा (76 गेंदों पर 30 रन) के साथ 83 रनों की साझेदारी की और कुछ समय के लिए बिहार की पूर्ण जीत को टालने की कोशिश की।
पारी के 44वें ओवर में तेज गेंदबाज आकाश राज ने किशन सिंघा को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा, जिसके बाद बिहार की जीत तय हो गई। कुछ ओवर बाद जोतिन भी आउट हो गए और मणिपुर की बल्लेबाजी में बची-खुची उम्मीद भी समाप्त हो गई।
इससे पहले इसी महीने बिहार ने विजय हजारे ट्रॉफी में भी एलीट लीग में पदोन्नति हासिल की थी। टीम ने वहां भी फाइनल में मणिपुर को छह विकेट से हराया था।
भाषा आनन्द पंत
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