लेह (लद्दाख), 26 जनवरी (भाषा) भारतीय सेना ने अपने अनुभव का शानदार प्रदर्शन करते हुए चंडीगढ़ को 3-2 से हराकर यहां ‘खेलो इंडिया विंटर गेम्स’ (केआईडब्ल्यूजी) 2026 के पुरुष आइस हॉकी का स्वर्ण पदक बरकरार रखा।
मैच का निर्णायक गोल खेल समाप्त होने से तीन मिनट पहले आया, जिससे लद्दाख चरण का समापन बेहद रोमांचक रहा।
हरियाणा ने टीम चैंपियनशिप का खिताब जीता। फिगर स्केटिंग और आइस स्केटिंग स्पर्धाओं में चार स्वर्ण पदक जीतने से हरियाणा पदक तालिका में शीर्ष पर रहा। हरियाणा ने एक रजत और दो कांस्य भी जीता।
लद्दाख दो स्वर्ण, पांच रजत और चार कांस्य पदकों के साथ दूसरे जबकि महाराष्ट्र ( दो स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य) तीसरे और तेलंगाना ( दो स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य) चौथे स्थान पर रहा।
चंडीगढ़ ने फाइनल में दमदार प्रदर्शन करते हुए यह साबित कर दिया कि लद्दाख के खिलाफ उसकी 3-2 की जीत कोई तुक्का नहीं थी। दो गोल से पिछड़ने के बाद चंडीगढ़ ने जोरदार वापसी की। लीग चरण में उसे भारतीय सेना के हाथों 1-10 से हार का सामना करना पड़ा था।
इससे पहले दिन की शुरुआत 2000 मीटर शॉर्ट ट्रैक मिश्रित रिले की हीट से हुई। तीन-तीन टीमों के दो समूह बनाए गए, जिनमें से शीर्ष तीन टीमों ने फाइनल में जगह बनाई।
तेलंगाना की नयना श्री तल्लूरी, लद्दाख के स्कर्मा त्सुल्टिम और हरियाणा के सचिन सिंह केआईडब्ल्यूजी 2026 में अपना तीसरा स्वर्ण पदक जीतने की दौड़ में थे, लेकिन हीट नंबर-एक में तेलंगाना और तमिलनाडु को अयोग्य घोषित कर दिया गया, जबकि हीट नंबर-दो में हरियाणा अंतिम स्थान पर रहा।
इसके फाइनल में महाराष्ट्र, लद्दाख और कर्नाटक की टीमें आमने-सामने थीं। महाराष्ट्र की मजबूत टीम ने उम्मीदों पर खरा उतरते हुए 3:22.47 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। ईशान दारवेकर, अन्वयी देशपांडे, सोहन तरकर और शलीन फर्नांडिस की चौकड़ी ने विजयी प्रदर्शन किया।
मेजबान लद्दाख को 3:29.34 सेकंड के समय के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा, जबकि कर्नाटक ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
भाषा आनन्द नमिता
नमिता