शतरंज ओलंपियाड: भारत की पुरुष और महिला टीम की नजरें इतिहास दोहराने पर

शतरंज ओलंपियाड: भारत की पुरुष और महिला टीम की नजरें इतिहास दोहराने पर

शतरंज ओलंपियाड: भारत की पुरुष और महिला टीम की नजरें इतिहास दोहराने पर
Modified Date: September 15, 2026 / 07:30 pm IST
Published Date: September 15, 2026 7:30 pm IST

समरकंद (उजबेकिस्तान) 15 सितंबर (भाषा) भारतीय शतरंज टीम पर शतरंज ओलंपियाड में अपने दोनों स्वर्ण पदक बरकरार रखने का भारी दबाव होगा जहां पुरुष वर्ग में विश्व चैंपियन डी. गुकेश और शानदार फॉर्म में चल रहे आर. प्रज्ञानानंदा की मौजूदगी में टीम एक बार फिर खिताब के सबसे प्रबल दावेदार के रूप में मैदान में उतरेगी।

महिला टीम भी चैंपियनशिप पर कब्जा बरकरार रखने के इरादे से उतरेगी।

बीस साल के गुकेश के लिए यह ओलंपियाड पिछले सत्र से बेहद अलग मोड़ पर आया है। बीते एक साल में उनके प्रदर्शन में भारी गिरावट देखी गई है। ऐसे में स्विट्जरलैंड में नवंबर में होने वाले विश्व चैंपियनशिप मुकाबले से पहले गुकेश इस टूर्नामेंट का इस्तेमाल अपनी लय वापस पाने के लिए करना चाहेंगे।

दूसरी ओर प्रज्ञानानंदा इस साल बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। ‘ग्रैंड शतरंज टूर’ जीतने वाले पहले भारतीय बनने की उपलब्धि ने उनकी दावेदारी मजबूत की है। स्वर्ण पदक की हैट्रिक की दिशा में वह भारत की सबसे बड़ी ताकत साबित होंगे।

इन दोनों को अर्जुन एरिगैसी का साथ मिलेगा जिन्होंने 2024 के बुडापेस्ट ओलंपियाड में भारतीय जीत में अहम भूमिका निभाई थी। टीम में विदित गुजराती का अनुभव और स्थिरता शामिल है, जबकि निहाल सरीन टीम को और मजबूती प्रदान करते हैं।

भारत को सबसे बड़ी चुनौती अमेरिका और मेजबान उज्बेकिस्तान से मिलने की उम्मीद है। अमेरिका के पास फैबियानो कारुआना और लेवोन एरॉनियन जैसे दिग्गज खिलाड़ी हैं। वहीं, उज्बेकिस्तान की युवा टीम की कमान जावोखिर सिंदारोव के हाथों में है, जो इस साल के अंत में विश्व चैंपियनशिप में गुकेश को चुनौती देंगे।

भारतीय महिला टीम भी खिताब बचाने उतरेगी लेकिन इस बार डी. हरिका और तानिया सचदेव टीम में शामिल नहीं हैं। कोनेरू हम्पी पहले बोर्ड पर कमान संभालेंगी, जबकि विश्व कप विजेता दिव्या देशमुख और विश्व चैंपियनशिप चैलेंजर आर. वैशाली टीम की ताकत बढ़ाएंगी।

उच्च रेटिंग के आधार पर दिव्या को दूसरे बोर्ड पर उतारा जा सकता है, लेकिन उनके आक्रामक रुख और लगातार अंक जुटाने की क्षमता को देखते हुए तीसरे बोर्ड पर उनका इस्तेमाल भारत के लिए अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है।

महिला वर्ग में भारत पूर्व चैंपियन जॉर्जिया को पछाड़कर शीर्ष वरीयता प्राप्त टीम है। कजाकिस्तान उलटफेर कर सकता है, लेकिन भारत खिताब बरकरार रखने का सबसे प्रबल दावेदार बना हुआ है।

भाषा

आनन्द सुधीर

सुधीर


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