एशियाई खेलों की तैयारी पर 700 करोड़ रुपये से अधिक खर्च: मंत्रालय
एशियाई खेलों की तैयारी पर 700 करोड़ रुपये से अधिक खर्च: मंत्रालय
नयी दिल्ली, 15 सितंबर (भाषा) खेल मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि 19 सितंबर से जापान में शुरू होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारतीय खिलाड़ियों की तैयारी पर पिछले तीन वर्षों में प्रशिक्षण, उपकरण सहायता तथा कोच और विशेषज्ञों की नियुक्ति पर 702 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं।
भारत के दल में इस बार 310 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो पहली बार एशियाई खेलों में हिस्सा लेंगे।
मंत्रालय की महत्वाकांक्षी टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एन. एस. जोहल ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने मजबूत प्रदर्शन के लिए जरूरी लय हासिल कर ली है और वे पिछले हांगझोउ एशियाई खेलों में हासिल किए गए देश के सर्वश्रेष्ठ 106 पदकों के प्रदर्शन की बराबरी या उससे बेहतर करने की स्थिति में हैं।
जोहल ने यहां मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘विभिन्न खेलों में अच्छी लय बनी हुई है। दल में बड़ी संख्या में पदार्पण करने वाले खिलाड़ी हैं और टॉप्स के सीईओ के तौर पर यह मेरे लिए गर्व की बात है। खेलों में प्रतिभा को निखरने में काफी समय लगता है और जब युवा खिलाड़ी कम उम्र में शीर्ष स्तर तक पहुंचने में सफल होते हैं तो यह भविष्य के लिए बहुत अच्छा संकेत है।’’
आइची-नागोया एशियाई खेलों में जिन युवा खिलाड़ियों पर खास नजर रहेगी, उनमें मंत्रालय से वित्तीय सहायता नहीं पाने वाले 15 वर्षीय क्रिकेट प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी, टेबल टेनिस खिलाड़ी सिंड्रेला दास, बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष शेट्टी और हाल में जूनियर विश्व खिताब जीतने वाली 18 वर्षीय स्क्वाश खिलाड़ी अनाहत सिंह शामिल हैं। जूडो में अस्मिता डे भी आकर्षण का केंद्र होंगी, जो इस खेल में राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय हैं।
जोहल ने कहा, ‘‘इस साल जनवरी से हमने टारगेट एशियाई खेल समूह की नौ समन्वय बैठकें की हैं। हमारा पूरा प्रयास रहा है कि विभिन्न महासंघों से जुड़ी प्रशासनिक चुनौतियों के बावजूद खिलाड़ियों को सर्वोत्तम संभव माहौल उपलब्ध कराया जाए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सबसे बड़ी बात यह रही कि तमाम चुनौतियों के बावजूद खिलाड़ियों से हमारा ध्यान नहीं हटा। हमारे दल में 65 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो खेलों के लिए हमारी आधारभूत प्रणाली ‘खेलो इंडिया’ से आए हैं।’’
मंत्रालय ने बताया कि खिलाड़ियों की तैयारी के लिए वार्षिक प्रतियोगिता एवं प्रशिक्षण कैलेंडर के तहत 702.86 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके अलावा टॉप्स कोष से तैयारी के लिए 97.84 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
इस खर्च में सबसे बड़ा हिस्सा 251.4 करोड़ रुपये अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों को अनुभव दिलाने पर खर्च हुआ। वहीं घरेलू प्रशिक्षण पर 118.3 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
एशियाई खेलों में भारत 36 खेलों में 501 खिलाड़ियों का दल उतारेगा, जिसमें 267 पुरुष और 234 महिला खिलाड़ी हैं। इनके साथ 265 सहयोगी स्टाफ भी होगा। हांगझोउ खेलों में भारत ने 28 स्वर्ण, 38 रजत और 40 कांस्य सहित कुल 106 पदक जीते थे।
भाषा आनन्द सुधीर
सुधीर

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