ग्लास्गो, 26 जुलाई (भाषा) स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा का मुकाबला सोमवार से शुरू होने वाली राष्ट्रमंडल खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में मौजूदा ओलंपिक चैंपियन पाकिस्तान के अरशद नदीम और श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे से होगा जबकि भारत की नजरें पिछले सत्र की तुलना में अधिक पदक जीतने पर होंगी।
नीरज के अलावा भारत के स्वर्ण पदक के प्रमुख दावेदारों में लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर शामिल हैं जिन्होंने 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था। वहीं ऊंची कूद के खिलाड़ी सर्वेश कुशारे भी स्वर्ण पदक के दावेदार हैं। उन्होंने हाल ही में 2.31 मीटर के प्रयास से राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है।
भारतीय टीम प्रबंधन को पुरुषों की भाला फेंक, लंबी कूद, ऊंची कूद और त्रिकूद स्पर्धा में दो-दो पदक की उम्मीद है। इसके अलावा पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़, डेकाथथन और महिलाओं की 10,000 मीटर पैदल चाल में भी पदक मिलने की संभावना जताई जा रही है।
पुरुषों की 100 मीटर बाधा दौड़, गोला फेंक और महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज़ में भी भारत को पदक का दावेदार माना जा रहा है। यदि ऐसा होता है तो भारत कुल पदक के मामले में बर्मिंघम में जीते गए आठ पदक (एक स्वर्ण, चार रजत और तीन कांस्य) से आगे निकल सकता है।
हालांकि स्वर्ण की संख्या को लेकर कोई निश्चितता नहीं है क्योंकि अधिकांश एथलेटिक्स स्पर्धाओं में विश्वस्तरीय खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
नीरज सितंबर 2025 से कमर दर्द की समस्या से परेशान हैं। इसी वजह से उन्होंने इस साल सत्र की शुरुआत में विलंब करते हुए अपना पहला मुकाबला 19 जून को दोहा डाइमंड लीग में खेला। वहां उन्होंने 85.69 मीटर भाला फेंककर चौथा स्थान हासिल किया। यह प्रदर्शन उनके स्तर के हिसाब से कमजोर है।
इसके बाद उन्होंने स्विट्जरलैंड के बिएन शहर में एक महीने तक रिहैबिलिटेशन (चोट से उबरकर फिटनेस हासिल करने की प्रक्रिया) और अभ्यास किया। अब 28 साल के दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज की कोशिश 2018 गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों जैसा प्रदर्शन दोहराने की होगी जहां उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। वह शुक्रवार को स्विट्जरलैंड से ग्लास्गो पहुंच गए।
नीरज ने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में 86.47 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता था। हालांकि चोट के कारण वह 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में नहीं खेल सके थे।
भारतीय एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच राधाकृष्णन नायर का कहना है कि नीरज पूरी तरह फिट हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस बार 32 सदस्यीय भारतीय टीम पिछले राष्ट्रमंडल खेलों से अधिक पदक जीतेगी।
हालांकि नीरज के लिए स्वर्ण पदक जीतना आसान नहीं होगा। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में दुनिया के कई बड़े खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। क्वालीफाइंग मुकाबले 30 जुलाई को और फाइनल 31 जुलाई को होगा।
अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन और जर्मनी के जूलियन वेबर को छोड़कर दुनिया के लगभग सभी बड़े भाला फेंक खिलाड़ी ग्लास्गो में खेलेंगे।
नीरज के अलावा नदीम, पथिरागे, त्रिनिदाद एवं टोबैगो के मौजूदा विश्व चैंपियन केशॉर्न वॉलकॉट, ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स और कीनिया के जूलियस येगो भी मैदान में होंगे।
भारत के रोहित यादव भी पदक के मजबूत दावेदार हैं। उन्होंने पिछले महीने 87.05 मीटर भाला फेंका था जो इस सत्र में राष्ट्रमंडल देशों के खिलाड़ियों के बीच दूसरा सबसे बेहतर प्रदर्शन है। यशवीर सिंह भी भारत की ओर से इस स्पर्धा में खेलेंगे।
श्रीलंका के 23 वर्षीय पथिरागे इस समय सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। उन्होंने इस सत्र में 92.62 मीटर का थ्रो किया है और 90 मीटर से ज्यादा भाला फेंकने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी हैं। उन्होंने इस साल दो डाइमंड लीग खिताब भी जीते हैं।
वहीं नदीम इस समय अच्छी फॉर्म में नहीं हैं। उन्होंने 16 जुलाई को स्विट्जरलैंड के लूजर्न में सिर्फ 78.47 मीटर का थ्रो किया था। पीटर्स का इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 86.38 मीटर है जबकि वॉलकॉट का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 83.45 मीटर रहा है।
लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर ने पिछले महीने 8.38 मीटर का प्रयास किया था। वह मौजूदा सत्र में राष्ट्रमंडल देशों के खिलाड़ियों के बीच पहले स्थान पर हैं। वेन पिनॉक (8.39 मीटर) ने उनसे बेहतर प्रदर्शन किया है लेकिन जमैका ने उनकी जगह तेजाय गेल (8.37 मीटर) को भेजने का फैसला किया है।
श्रीशंकर ने बर्मिंघम 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था और इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में अपना दूसरा पदक जीतने की कोशिश करेंगे।
भारत के लोकेश सत्यनाथन ने भी इस सत्र में 8.21 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है और उनसे भी पदक की उम्मीद है।
पुरुषों की ऊंची कूद में मौजूदा सत्र के शीर्ष छह खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। भारत के सर्वेश कुशारे ने हाल ही में 2.31 मीटर के प्रयास से राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। उनके साथ इंग्लैंड के किमानी जैक (2.31 मीटर), न्यूजीलैंड के ओलंपिक चैंपियन हैमिश केर (2.28 मीटर, सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन), जमैका के रोमेन बेकफोर्ड (2.30 मीटर, सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन) और ऑस्ट्रेलिया के युआल रीथ (2.28 मीटर, सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन) भी मुकाबले में होंगे।
आदर्श राम (2.27 मीटर, सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन) और तेजस्विन (2.26 मीटर, सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन) भी ऊंची कूद में हिस्सा लेंगे। किशारे ने तेजस्विन का ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था।
हालांकि तेजस्विन से सबसे अधिक उम्मीद डेकाथलन में है जिसमें वह राष्ट्रीय रिकॉर्डधारक हैं। मौजूदा सत्र के प्रदर्शन के आधार पर वह राष्ट्रमंडल देशों के खिलाड़ियों में दूसरे स्थान पर हैं। उनसे बेहतर प्रदर्शन सिर्फ 2014 राष्ट्रमंडल खेलों और तोक्यो ओलंपिक के चैंपियन कनाडा के डेमियन वार्नर ने ही किया है। वार्नर भी ग्लास्गो में चुनौती पेश करेंगे।
पुरुषों की त्रिकूद में भारत के प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु भी पदक की दौड़ में हैं। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती जमैका के जॉर्डन स्कॉट की होगी।
ट्रैक स्पर्धाओं में भारत की उम्मीदें कम हैं लेकिन 100 मीटर बाधा दौड़ में तेजस शिर्से फाइनल में पहुंच सकते हैं। अगर वह 13.27 सेकेंड के अपने सत्र के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और राष्ट्रीय रिकॉर्ड से बेहतर प्रदर्शन करते हैं तो पदक भी जीत सकते हैं।
सोमवार को भारत का पहला एथलेटिक्स पदक कुशारे दिला सकते हैं। शिर्से भी उसी दिन मुकाबले में उतरेंगे।
इसके अलावा मुरली श्रीशंकर, लोकेश सत्यनाथन और पूजा सिंह (महिला ऊंची कूद) भी अपने-अपने क्वालीफाइंग दौर खेलेंगे। राष्ट्रीय रिकॉर्डधारक गुरिंदरवीर सिंह भी सोमवार को 100 मीटर दौड़ के पहले दौर में हिस्सा लेंगे।
भाषा सुधीर पंत
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