Laxman Sivaramakrishnan Retirement: इस मशहूर पूर्व क्रिकेटर ने छोड़ी कॉमेंट्री.. 23 सालों तक बताते रहे क्रिकेट का ‘आँखो देखा हाल’.. पर संन्यास की वजह हैरान करने वाली..

Laxman Sivaramakrishnan announces retirement: लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने 23 साल बाद कॉमेंट्री छोड़ी, BCCI पर रंगभेद और पक्षपात के गंभीर आरोप लगाए

Laxman Sivaramakrishnan Retirement: इस मशहूर पूर्व क्रिकेटर ने छोड़ी कॉमेंट्री.. 23 सालों तक बताते रहे क्रिकेट का ‘आँखो देखा हाल’.. पर संन्यास की वजह हैरान करने वाली..

Laxman Sivaramakrishnan announces retirement || Image- The Cricket Monthly File

Modified Date: March 20, 2026 / 04:44 pm IST
Published Date: March 20, 2026 4:38 pm IST
HIGHLIGHTS
  • शिवरामकृष्णन ने कॉमेंट्री से संन्यास लिया
  • BCCI पर लगाए रंगभेद के आरोप
  • IPL से पहले फैसले ने चौंकाया

चेन्नई: भारत के पूर्व लेग स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने 23 साल लंबे कॉमेंट्री करियर के बाद संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। (Laxman Sivaramakrishnan announces retirement) उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के कॉमेंट्री पैनल से खुद को अलग कर लिया है। इंडियन प्रीमियर लीग के मौजूदा सीजन के शुरू होने से ठीक पहले उनके इस फैसले से क्रिकेट फैंस भी हैरान हैं।

रंगभेद और सिस्टम में पक्षपात का आरोप

60 साल के शिवरामकृष्णन ने सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी दी। मीडिया में छपी रिपोर्ट्स की माने तो उन्होंने अपने फैसले के पीछे “रंगभेद” और सिस्टम में पक्षपात जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिवरामकृष्णन ने कहा कि उन्हें बड़े मौकों जैसे टॉस या पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन के लिए अक्सर नजरअंदाज किया जाता था, यहां तक कि जब वरिष्ठ कॉमेंटेटर मौजूद नहीं होते थे, तब भी उन्हें मौका नहीं दिया गया। एक यूजर द्वारा रंगभेद को वजह बताए जाने पर उन्होंने सहमति जताते हुए कहा, “आप सही हैं, रंगभेद।”

अपने एक पोस्ट में उन्होंने संकेत दिया कि यह मामला यहीं खत्म नहीं होगा। (Laxman Sivaramakrishnan announces retirement) उन्होंने लिखा कि उनका संन्यास एक बड़ी कहानी की शुरुआत है, जिसे जब बताया जाएगा तो क्रिकेट फैंस और आम लोग चौंक जाएंगे।

पूर्व स्पिनर आर अश्विन ने जताई हैरानी

इस फैसले पर भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि आईपीएल 2026 से ठीक पहले ऐसा फैसला लेना चौंकाने वाला है। शिवरामकृष्णन 1985 में भारत की विश्व चैम्पियनशिप जीत के दौरान उभरे थे और बाद में उन्होंने 9 टेस्ट और 16 वनडे मैच खेले। इसके बाद उन्होंने कॉमेंट्री में लंबा करियर बनाया और स्पिन गेंदबाजी पर अपनी गहरी समझ के लिए जाने जाते रहे।

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