दीपक 92 किग्रा फाइनल में, भारी संख्या में भागीदारी से राष्ट्रीय ओपन टूर्नामेंट का कार्यक्रम बिगड़ा

दीपक 92 किग्रा फाइनल में, भारी संख्या में भागीदारी से राष्ट्रीय ओपन टूर्नामेंट का कार्यक्रम बिगड़ा

दीपक 92 किग्रा फाइनल में, भारी संख्या में भागीदारी से राष्ट्रीय ओपन टूर्नामेंट का कार्यक्रम बिगड़ा
Modified Date: May 10, 2026 / 09:44 pm IST
Published Date: May 10, 2026 9:44 pm IST

… अमनप्रीत सिंह …

गोंडा (उत्तर प्रदेश), 10 मई (भाषा) एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता दीपक पूनिया ने बिना अंक गंवाए 92 किग्रा फाइनल में पहुंचकर शानदार प्रदर्शन किया लेकिन रविवार को यहां राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट के पहले दिन भारी संख्या में खिलाड़ियों की भागीदारी और लॉजिस्टिक चुनौतियों के कारण कार्यक्रम में देरी हुई।

इस टूर्नामेंट में लगभग 1,400 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जो इस टूर्नामेंट के इतिहास में दूसरी सबसे ज्यादा भागीदारी है। इससे पहले 2022 में चंडीगढ़ में हुए टूर्नामेंट में 1,800 पहलवानों ने हिस्सा लिया था। अकेले 65 किग्रा वर्ग में ही लगभग 150 खिलाड़ियों ने प्रविष्टि हासिल की जिसके चलते सुबह वजन कराने के दौरान लंबी लाइनें लग गईं और मुकाबलों के कार्यक्रम में काफी देरी हुई।

वजन करने के लिए महज चार मशीनें उपलब्ध थीं और भीड़ बहुत ज्यादा थी इसलिए वजन कराने का काम समय पर पूरा नहीं हो पाया। मुकाबले सुबह 11:30 बजे शुरू हुए जो तय समय से लगभग दो घंटे पीछे थे।

इस देरी का मुकाबलों पर भी असर पड़ा। आयोजकों को फ्रीस्टाइल पदक दौर सोमवार के लिए टालने पड़े क्योंकि दिन के मुकाबले समय पर पूरे नहीं हो पाए थे और उम्मीद थी कि ये आधी रात के बाद तक चलेंगे।

इस टूर्नामेंट में 30 रेफरियों को भी तय समय से ज्यादा काम करना पड़ा जिसके चलते भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने उन्हें अतिरिक्त काम के लिए प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया।

दिन के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक थे 2019 विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेता दीपक। 92 किग्रा वर्ग में 56 पहलवानों के बीच दीपक अपने विरोधियों के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत और अनुभवी नजर आए। वह आम तौर पर 86 किग्रा वर्ग में खेलते हैं, लेकिन इस बार वह वजन कम करने की मुश्किल प्रक्रिया से बचना चाहते थे।

हरियाणा के इस पहलवान ने क्वालीफिकेशन राउंड में राहुल को 10-0 से हराकर अपने अभियान की शुरुआत की।

इसके बाद उन्होंने सचिन कुमार को 11-0 से हराया। अगले मुक़ाबले से अभिषेक चोट के कारण हट गए।

दीपक को राहुल हुड्डा को चित्त करके सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए महज 32 सेकंड लगे। सेमीफाइनल में उन्होंने राजा को 11-0 से हराया।

अब उनका मुक़ाबला वंश से होगा जिन्होंने सेमीफाइनल में रॉबिन को 8-0 से हराया था।

इस टूर्नामेंट ने 2024 के अंडर-23 एशियाई चैंपियन अनिरुद्ध गुलिया को राष्ट्रीय टीम में वापसी का मौका भी दिया, लेकिन अच्छी शुरुआत के बावजूद उनका सफर प्री-क्वार्टर फाइनल में ही खत्म हो गया।

चोट से उबरने और रेलवे में अपनी जगह गंवाने के बाद, अनिरुद्ध ने हाल ही में पीडब्ल्यूएल के जरिए प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी की थी।

तेलंगाना के पिलंगोलिया भले ही वे 65 किलोग्राम वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में हार गए लेकिन उन्होंने भी अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया।

भाषा नमिता आनन्द

आनन्द


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