धीरज की नजर अंताल्या में पहले विश्व कप स्वर्ण और दोहरी सफलता पर

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धीरज की नजर अंताल्या में पहले विश्व कप स्वर्ण और दोहरी सफलता पर

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  • Publish Date - June 13, 2026 / 09:50 PM IST,
    Updated On - June 13, 2026 / 09:50 PM IST

अंताल्या, 14 जून (भाषा) भारत के शीर्ष रिकर्व तीरंदाज धीरज बोम्मदेवरा रविवार को तीरंदाजी विश्व कप के चरण तीन के रिकर्व मिश्रित टीम फाइनल और पुरुष एकल सेमीफाइनल में उतरेंगे तो उनसे विश्व कप के अपने पहले स्वर्ण पदक के साथ दोहरी सफलता की उम्मीद होगी।

ये दोनों मुकाबले भारत के लिए इस विश्व कप में पदक की आखिरी उम्मीद होंगे, क्योंकि कंपाउंड वर्ग बिना पदक के बाहर हो चुका है।

विश्व रैंकिंग में 16वें स्थान पर काबिज धीरज पेरिस ओलंपिक में मामूली अंतर से पदक से चूकने के बाद एक बार फिर बड़े मंच पर शानदार वापसी के करीब हैं। पेरिस ओलंपिक में उनकी और अंकिता भकत मिश्रित टीम मुकाबले के कांस्य पदक प्लेऑफ में हार गयी थी।

धीरज के पास अब विश्व कप के चरण तीन में दोहरे पदक जीतने का मौका है।

धीरज रविवार को पहले युवा तीरंदाज कुमकुम मोहोड के साथ रिकर्व मिश्रित टीम फाइनल में ओह ये जिन और किम जे डोक की दक्षिण कोरिया की मजबूत जोड़ी का सामना करेंगे।

धीरज अब तक मिश्रित टीम में दो विश्व कप कांस्य पदक जीत चुके हैं (2024 में अंकिता के साथ और 2025 में भजन कौर के साथ) लेकिन स्वर्ण पदक अभी भी उनसे दूर है।

मिश्रित टीम फाइनल के बाद धीरज पुरुष एकल सेमीफाइनल में जर्मनी के मोरित्ज वाइजर से भिड़ेंगे।

वह अगर इस मुकाबले को जीत जाते हैं, तो यह उनके करियर का पहला विश्व कप फाइनल होगा, जहां उनका सामना दक्षिण कोरिया के ली वू सुक से हो सकता है। सुक पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता हैं।

धीरज ने 2021 में विश्व कप में पदार्पण करने के बाद 2023, 2024 और 2025 में तीन कांस्य पदक जीते हैं।

भाषा आनन्द नमिता

नमिता