रीसेल साइट से खरीदे गए विश्व कप टिकट बेकार हो जाने से प्रशंसक नाराज

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रीसेल साइट से खरीदे गए विश्व कप टिकट बेकार हो जाने से प्रशंसक नाराज

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  • Publish Date - June 19, 2026 / 11:15 AM IST,
    Updated On - June 19, 2026 / 11:15 AM IST

अटलांटा (अमेरिका), 19 जून (एपी) बीना रामरूप की आंखों में उस समय आंसू आ गए जब उन्हें पता चला कि उन्हें फुटबॉल विश्व कप के वे टिकट नहीं मिलेंगे जो उन्होंने अपने पोते के 13वें जन्मदिन के लिए खरीदे थे।

सोमवार को जब हजारों लोग अटलांटा के मर्सिडीज-बेंज स्टेडियम में स्पेन और केप वर्डे का मैच देखने पहुंचे तो रामरूप बाहर खड़ी थीं। वह घंटों तक फोन पर स्टबहब के प्रतिनिधियों और टिकट बूथ पर फीफा के प्रतिनिधियों के बीच भाग-दौड़ करती रहीं और परेशान होती रहीं। दोनों एक-दूसरे पर दोष मढ़ रहे थे।

किसी को समझ नहीं आ रहा था कि रामरूप ने महीनों पहले स्टबहब से जो टिकट 485 डॉलर प्रति टिकट के हिसाब से खरीदे थे उन्हें असली विक्रेता से फीफा टिकटिंग ऐप पर क्यों नहीं ट्रांसफर किया गया।

स्टबहब ने उन्हें पैसे वापस करने की पेशकश की और जैसे ही रामरूप ने मैच शुरू होने पर भीड़ का शोर सुना तो उन्हें एहसास हुआ कि हार मानकर पेशकश स्वीकार करने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं है।

रामरूप ने कहा, ‘‘मुझे पैसे वापस नहीं चाहिए था। मुझे अपने पैसे वापस नहीं चाहिए थे। मैं तो मैच देखने जाना चाहती थी।’’

विश्व कप में मैदान पर तो रोमांच देखने को मिला लेकिन प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर टिकट नहीं मिलने, आखिरी समय में ऑर्डर रद्द होने और फीफा की टिकट व्यवस्था और बाहरी रीसेल (टिकटों की पुन: बिक्री) मंच के बीच समस्याओं को सुलझाने में घंटों बर्बाद होने की शिकायतें की हैं।

अधिकतर शिकायतें दिग्ग्ज कंपनी स्टबहब के बारे में हैं लेकिन सीटगीक और विविड सीट्स जैसे उसके प्रतिस्पर्धियों से टिकट खरीदने वाले लोगों ने भी समस्याओं की बात कही है।

फीफा ने प्रशंसकों से कहा है कि वे पुन: बिक्री वाले टिकट उसके अपने मार्केटप्लेस से खरीदें जहां वह हर रीसेल टिकट पर 30 प्रतिशत अधिभार लगाता है। खरीदार और बेचने वाले दोनों पर 15-15 प्रतिशत। कई प्रशंसकों ने हालांकि दूसरी रीसेल साइट से टिकट खरीदे। या तो आदत की वजह से या इसलिए क्योंकि उन साइट पर कीमतें कम थीं या उन्हें इस्तेमाल करना आसान था।

रामरूप को अंदाजा नहीं था कि स्टबहब से टिकट खरीदकर वह कोई जोखिम ले रही हैं जबकि उन्होंने पहले भी बिना किसी परेशानी के इसका इस्तेमाल किया था।

जब वह और उनका पोता एलिजा गोम्स अटलांटा के बाहरी इलाकों में वापस जाने के लिए लंबी रेल यात्रा कर रहे थे तो एलिजा अपने फोन पर स्कोर देख रहा था। मैच गोल रहित खत्म होने के बाद उसने अपनी दुखी दादी का हौसला बढ़ाने की कोशिश करते हुए कहा कि उन्होंने असल में कुछ खास नहीं खोया (हालांकि केप वर्डे के लोग इससे सहमत नहीं होंगे)।

रामरूप ने अगले दिन कहा, ‘‘वह मुझे कह रहा था, ‘दादी, कोई बात नहीं, दादी।’ और वह मुझे सांत्वना देने की कोशिश कर रहा था।’’

रामरूप अकेली नहीं थीं। एसोसिएटेड प्रेस के एक पत्रकार ने मैच में एक दर्जन से अधिक निराश प्रशंसकों को देखा जिन्होंने बताया कि वे भी ऐसी ही स्थितियों में फंसे हुए थे।

स्टबहब ने रामरूप जैसे खरीदारों को हुई टिकट ट्रांसफर की समस्याओं के लिए फीफा को जिम्मेदार ठहराया। एक बयान में कंपनी ने कहा कि फीफा का ‘प्रौद्योगिकी ढांचा खराब है’। उसने आखिरी समय में ट्रांसफर पर पाबंदियां लगाईं और टूर्नामेंट से कुछ हफ्ते पहले तक अपना नया टिकट ऐप शुरू नहीं किया। कंपनी ने उन आयोजकों की भी आलोचना की जो ‘प्रतिस्पर्धा विरोधी कदम’ उठाते हैं जिससे प्रशंसकों के टिकट खरीदने और बेचने की जगह सीमित हो जाती है।

तकनीकी समस्याओं के बारे में पूछे जाने पर फीफा ने बुधवार को फिर से कहा कि उसकी आधिकारिक साइट के जरिए की गई बिक्री पूरी होने की गारंटी है।

एपी सुधीर पंत

पंत