फीफा ने विश्व कप हिस्सेदारी बिक्री योजना को लेकर यूईएफए पर लगाया ‘दुष्प्रचार’ का आरोप

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फीफा ने विश्व कप हिस्सेदारी बिक्री योजना को लेकर यूईएफए पर लगाया ‘दुष्प्रचार’ का आरोप

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  • Publish Date - September 4, 2026 / 11:04 AM IST,
    Updated On - September 4, 2026 / 11:04 AM IST

ज्यूरिख, चार सितंबर (एपी) फीफा (अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ) ने विश्व कप और अन्य प्रतियोगिताओं में हिस्सेदारी बेचने की अपने अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो की नाकाम योजना को लेकर यूरोपीय फुटबॉल संघ (यूईएफए) पर ‘दुष्प्रचार अभियान’ चलाने का आरोप लगाया है।

फीफा ने बृहस्पतिवार को अमेरिका की अदालत में दाखिल दस्तावेज में यूईएफए की कार्रवाई को अपने नेतृत्व को बदनाम करने की कोशिश बताया।

यूईएफए ने पिछले सप्ताह अमेरिका की तीन अदालतों में इन्फेंटिनो की प्रस्तावित योजना से जुड़े सबूत और दस्तावेज हासिल करने के लिए आवेदन दायर किए थे। इसके जवाब में कोलोराडो की जिला अदालत में फीफा ने हस्तक्षेप की मांग करते हुए याचिका दाखिल की और कहा कि सबूत जुटाने की प्रक्रिया को स्थगित या समाप्त किया जाना चाहिए।

फीफा ने कहा, ‘‘ये आवेदन कानूनी दस्तावेज के रूप में पेश किए गए हैं लेकिन वास्तव में यूईएफए के फीफा और उसके नेतृत्व के खिलाफ दुष्प्रचार अभियान को आगे बढ़ाने वाले प्रेस विज्ञप्तियों से ज्यादा कुछ नहीं हैं।’’

इन्फेंटिनो की ‘फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज (एफएफई)’ योजना के तहत निजी इक्विटी कंपनियों को 4.2 अरब डॉलर में विश्व कप में हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव था। इस योजना में जेरेड कुशनर के छोटे भाई जोश कुशनर की निवेश कंपनी थ्राइव कैपिटल भी शामिल थी। योजना सार्वजनिक होने के कुछ ही दिनों बाद एक अगस्त को फीफा ने भारी विरोध के बीच इसे वापस ले लिया।

यूईएफए ने न्यूयॉर्क की अदालत में जोश कुशनर और थ्राइव से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। इसके अलावा फ्लोरिडा और कोलोराडो में भी इस प्रस्ताव से जुड़े सबूत हासिल करने के लिए आवेदन किए गए हैं।

जोश कुशनर ने सोमवार को ‘एक्सियोस’ से बातचीत में योजना का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें वैश्विक फुटबॉल की राजनीतिक परिस्थितियों और संभावित विरोध का अंदाजा नहीं था।

यूईएफए ने अदालत में यह भी कहा है कि वह संभावित वित्तीय कुप्रबंधन के आरोप में इन्फेंटिनो के खिलाफ स्विट्जरलैंड में आपराधिक शिकायत की तैयारी कर रहा है। यूईएफए के वकीलों ने आरोप लगाया कि यह योजना इन्फेंटिनो और उनके करीबी लोगों को फीफा की सबसे मूल्यवान संपत्तियों में स्थायी हिस्सेदारी हासिल करने और उनसे लाभ कमाने का जरिया थी।

एपी

आनन्द

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