‘प्रक्रिया’ पर ध्यान, विश्व कप के बारे में सोच कर दिमाग का बोझ नहीं बढ़ाना चाहता: कुलदीप

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‘प्रक्रिया’ पर ध्यान, विश्व कप के बारे में सोच कर दिमाग का बोझ नहीं बढ़ाना चाहता: कुलदीप

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  • Publish Date - October 11, 2022 / 09:13 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:05 PM IST

… अपराजिता उपाध्याय…

नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर (भाषा) बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव अगले साल भारत में खेले जाने वाले एकदिवसीय विश्व कप के बारे में अभी से सोचने के बजाय आगामी टूर्नामेंटों पर ध्यान दे रहे हैं। कुलदीप ने मंगलवार को यहां तीसरे एकदिवसीय मैच में 18 रन पर चार विकेट चटकाकर दक्षिण अफ्रीका के मध्यक्रम को झकझोर दिया जिससे भारत ने इस मैच को सात विकेट से जीतकर श्रृंखला को 2-1 से अपने नाम किया। मैच के बाद कुलदीप ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ विश्व कप में अभी समय है। मैं उसके बारे में नहीं सोच रहा हूं। मैं अब चीजों को लेकर काफी व्यावहारिक हो गया हूं। मैं जिस श्रृंखला में खेलता हूं उस पर पूरा ध्यान देता हूं। मैं अब अनुभवी हो गया हूं, इसलिए मुझे अब समझ है कि कैसी गेंदबाजी करनी है। मेरा लक्ष्य हर श्रृंखला में अच्छा प्रदर्शन करना है।’’ घुटने और फिर हाथ में चोट के कारण काफी समय तक खेल से दूर रहने वाले कुलदीप ने कहा कि उन्होंने फिटनेस हासिल करने के बाद अपनी लय पाने लिए मेहनत की है। इस वामहस्त स्पिनर ने कहा, ‘‘ मैंने चोट से उबरने के बाद अपनी लय को हासिल करने पर काम किया है। मैं अपने हाथ से पहले वाली गति हासिल करने में सफल रहा। मैं स्पिन से समझौता नहीं कर रहा हूं इसलिए मेरी गेंद काफी टर्न ले रही है।’’ कुलदीप को हालांकि अगले सप्ताह से शुरू हो रहे टी20 विश्व कप की टीम में जगह नहीं मिली है लेकिन उन्हें इसका मलाल नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं टी20 विश्व कप (चयन नहीं होने पर) से निराश नहीं हूं क्योंकि मैं मैच दर मैच अपनी प्रक्रिया पर काम कर रहा हूं। मैं आकलन कर रहा हूं कि मैं कैसे सुधार कर सकता हूं।’’ इंडियन प्रीमियर लीग में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए ज्यादातर समय एकादश से बाहर रहने वाले कुलदीप ने पिछले सत्र में दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ने के बाद शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, ‘‘ आईपीएल से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। इसके बाद मैं चोटिल हो गया था। मैंने वेस्टइंडीज, जिम्बाब्वे और भारत ए श्रृंखला में किफायती गेंदबाजी की। मैं अब गेंद को वहां टप्पा खिलाने में सक्षम हूं जहां मैं चाहता हूं।’’ भाषा आनन्द सुधीरसुधीर