शरणार्थी से विश्व कप तक: एहसान का अप्रत्याशित उदय

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शरणार्थी से विश्व कप तक: एहसान का अप्रत्याशित उदय

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  • Publish Date - February 6, 2026 / 09:21 PM IST,
    Updated On - February 6, 2026 / 09:21 PM IST

… तपन मोहंता …

कोलकाता, छह फरवरी (भाषा) संयोग, संघर्ष और अचानक मिले मौके से यह कहानी किसी बॉलीवुड फिल्म की पटकथा जैसी लगती है।  अफगानिस्तान में जन्मा एक किशोर, जो अकेले शरणार्थी के रूप में यूनाइटेड किंगडम (इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड) पहुंचा और उसे 2022 में जाकर शरणार्थी का दर्जा मिला। यह कहानी है जैनुल्लाह एहसान की जो क्रिकेट के सबसे बड़े मंच आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप में स्कॉटलैंड के लिए पदार्पण के बेहद करीब है। इस 19 वर्षीय तेज गेंदबाज के लिए अनिश्चितता से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक का यह सफर कुछ ही महीनों में तय हुआ है। वेस्टइंडीज के खिलाफ स्कॉटलैंड के टी20 विश्व कप के शुरुआती मुकाबले से पहले ईडन गार्डन्स में एहसान ने कहा, “किस्मत तुम खुद बनाते हो। अल्लाह किस्मत नहीं बना देता। अगर मेहनत करोगे तो किस्मत भी साथ देती है।” एहसान के लिए शुरुआत में क्रिकेट का मतलब सिर्फ ‘टेप-बॉल’ क्रिकेट था। उन्होंने अपने सफर को याद करते हुए कहा, “अफगानिस्तान में मैंने ‘टेप-बॉल’ क्रिकेट खेला। उसके बाद मैं स्कॉटलैंड आया और वहां अपने बड़े भाई के साथ पार्क में खेलने गया। भाई के दोस्तों के साथ ‘टेप-बॉल’ क्रिकेट खेलता था। उन्होंने मुझ से कहा, ‘‘ तुम्हें क्लब से जुड़ना चाहिये, तुम बहुत अच्छा खेलते हो।’’ एहसान को उनकी सलाह ग्लासगो के जीएचके क्रिकेट क्लब तक ले गई, जहां शुरुआती टीम में उनके लिए जगह तक नहीं थी। एहसान ने कहा, ‘‘वहां के कोच ने कहा कि जाओ, बल्लेबाज़ी करो। मैंने बल्लेबाज़ी की। मैं अच्छी बल्लेबाजी नहीं कर पा रहा था। फिर मैंने गेंदबाजी की तो उन्होंने कहा कि तुम्हारी गेंदों का सामना करना मुश्किल है।” इसके बाद उन्हें बिना किसी शुल्क के क्लब की सदस्यता दी गई। आमतौर पर पहली टीम में जगह नहीं मिलती थी, लेकिन चार मैचों में 16 विकेट लेने के बाद वह सीधे पहली टीम में पहुंच गए। इसके बाद आंकड़े ही उनकी पहचान बन गए। उन्होंने कहा, “अगले साल मैंने 27-28 विकेट लिए और सबसे ज्यादा विकेट लेने वाला गेंदबाज रहा। इस साल भी वेस्ट स्कॉटलैंड में मैं सबसे ज्यादा विकेट लेने वाला गेंदबाज था। इसके बाद मुझे सीधे राष्ट्रीय टीम में चुन लिया गया।” एहसान ने बताया कि वह। उम्र संबंधी नियमों के कारण वह अंडर-19 विश्व कप नहीं खेल पाए और स्कॉटलैंड की सीनियर टीम के लिए खेलने की पात्रता उन्हें हाल ही में मिली थी। उन्होंने कहा, ‘‘अंडर-19 चयन के समय मैं पात्र नहीं था। चार महीने पहले ही सीनियर टीम के लिए पात्र हुआ और फिर सीधे विश्व कप में चुन लिया गया। मैं खुद हैरान था।” इसके बाद कहानी में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब बांग्लादेश के टूर्नामेंट से हटने के बाद स्कॉटलैंड को आखिरी समय में जगह मिली और एहसान को भी अप्रत्याशित रूप से टीम में बुलावा मिल गया। उन्होंने कहा, “मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी। मेरा चयन विश्व कप के लिए हो गया। मैंने कभी राष्ट्रीय टीम के लिए नहीं खेला था। क्वालीफायर भी नहीं खेले थे।” इस युवा गेंदबाज ने कहा,‘‘ मेरे कोच ने फोन किया और बताया कि मेरा चयन राष्ट्रीय टीम में हो गया है। मैं हैरान रह गया। कुछ कह ही नहीं पाया। समझ नहीं आ रहा था क्या कहूं। बस इतना ही कहा , बहुत-बहुत धन्यवाद।’’ एहसान विश्व कप अपने प्रदर्शन से प्रभावित करना चाहते है। उन्होंने कहा कि वह अफगानिस्तान के दूसरे खिलाड़ियों की तरह फिलहाल आईपीएल में खेलने का सपना नहीं देख रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ मेरा जन्म अफगानिस्तान में हुआ है लेकिन अब स्कॉटलैंड ही मेरा देश है। अभी मैं बहुत आगे नहीं सोच रहा हूं। अगर अच्छा करूंगा तो चीजें अपने आप आएंगी। फिलहाल मेरा पूरा ध्यान सिर्फ टी20 विश्व कप पर है।’’ भाषा आनन्द नमितानमिता