गंभीर ने तीन टेस्ट की श्रृंखला की वकालत की

गंभीर ने तीन टेस्ट की श्रृंखला की वकालत की

गंभीर ने तीन टेस्ट की श्रृंखला की वकालत की
Modified Date: August 22, 2026 / 04:31 pm IST
Published Date: August 22, 2026 4:31 pm IST

कोलंबो, 22 अगस्त (भाषा) भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने शनिवार को तीन मैचों की टेस्ट श्रृखला की पैरवी करते हुए कहा कि दो मैचों की सीरीज में पहला मुकाबला हारने वाली टीम पर अनावश्यक दबाव पड़ता है और उसके पास वापसी का पर्याप्त अवसर नहीं रहता।

भारत और श्रीलंका के बीच इस समय दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेली जा रही है। शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम गॉल में पहला टेस्ट 165 रन से जीतकर सीरीज में 1-0 से आगे है।

मैच से पहले संवाददाता सम्मेलन में गंभीर ने कहा, “आदर्श रूप से मैं तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला चाहूंगा। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि जो टीम पहला टेस्ट हारती है, उसके पास वापसी करके श्रृंखला जीतने का मौका होना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “दो टेस्ट की सीरीज में अगर आप पहला मैच हार जाते हैं तो दूसरी टीम के पास वापसी करके सीरीज जीतने का कोई मौका नहीं रहता। अधिकतम आप श्रृंखला ड्रॉ कराने की कोशिश कर सकते हैं।”

गंभीर ने 2001 की भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट श्रृंखला को याद करते हुए कहा, “मुझे आज भी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वह सीरीज याद है, जिसमें भारत 0-1 से पिछड़ गया था, लेकिन उसने शानदार वापसी करते हुए सीरीज 2-1 से जीत ली थी।”

दो टेस्ट मैचों की सीरीज में अक्सर दोनों मुकाबलों के बीच आराम का समय कम होता है। हालांकि, गंभीर ने इसे लेकर चिंता नहीं जताई।

उन्होंने कहा, “कम अंतराल। यह ठीक है। दूसरी टीमें भी ऐसा कर रही हैं। एक पेशेवर क्रिकेटर के तौर पर हम जानते हैं कि अपने शरीर को कैसे संभालना है। यही कारण है कि कुछ दिन हम खिलाड़ियों को वैकल्पिक अभ्यास की अनुमति देते हैं।”

उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में अनुभवी खिलाड़ियों के लिए लगातार खेलना मुश्किल हो सकता है और इसलिए टीम प्रबंधन उनके कार्यभार को संभालने की कोशिश करता है।

भाषा आनन्द नमिता

नमिता


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