जूनियर स्तर पर अच्छे स्पिन गेंदबाज उभर रहे, बल्लेबाजों को पावर हिटिंग पर करना होगा काम : नीतू डेविड
जूनियर स्तर पर अच्छे स्पिन गेंदबाज उभर रहे, बल्लेबाजों को पावर हिटिंग पर करना होगा काम : नीतू डेविड
मुंबई, 26 अगस्त (भाषा) भारत की पूर्व स्पिनर और चयन समिति की पूर्व प्रमुख नीतू डेविड ने बुधवार को कहा कि अंडर-15 और अंडर-19 स्तर पर प्रतिभाशाली स्पिन गेंदबाज उभर रहे हैं, लेकिन घरेलू महिला क्रिकेट में बल्लेबाजों को पावर हिटिंग का प्रशिक्षण देने की जरूरत है।
नीतू ने कहा कि महिला क्रिकेट में राज्य स्तर पर प्रारूप के अनुरूप बुनियादी पहलुओं पर काम करने की जरूरत है। इनमें टी20 क्रिकेट के लिए बल्लेबाजों की पावर हिटिंग भी शामिल है जो राष्ट्रीय टीम के लिए चिंता का विषय रही है।
महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) की टीम यूपी वॉरियर्स प्रतिभा खोज प्रमुख नियुक्त की गईं नीतू ने पीटीआई से कहा, ‘‘पिछले दो साल में मैंने जो घरेलू क्रिकेट देखा उसमें कई अच्छी गेंदबाज सामने आ रहीं हैं, खासकर स्पिन गेंदबाज। लेकिन मुझे लगता है कि उन्हें पूरी तरह तैयार होने में अभी कुछ और समय लगेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अंडर-19 और अंडर-15 स्तर से अच्छी खिलाड़ी आ रही हैं। वे प्रतिभाशाली हैं, लेकिन अभी डब्ल्यूपीएल के लिए तैयार नहीं हैं। शायद उन्हें एक और साल लगेगा।’’
नीतू ने कहा, ‘‘हालांकि कुछ खिलाड़ी ऐसी हैं जो मेरी राय में भारत के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती हैं क्योंकि डब्ल्यूपीएल भारतीय टीम के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने का बहुत अच्छा मंच है और इसके जरिये उन्हें जल्दी मौका मिलता है।’’
उन्होंने घरेलू स्तर पर ऐसी बल्लेबाज तैयार करने की जरूरत पर जोर दिया जो आक्रामक बल्लेबाजी कर सकें। उन्होंने कहा कि इससे डब्ल्यूपीएल और भारतीय टीम, दोनों को फायदा होगा।
नीतू ने कहा, ‘‘हम सीधे भारतीय टीम के बारे में सोचते हैं और कहते हैं कि भारतीय टीम या डब्ल्यूपीएल में हमारे पास आक्रामक बल्लेबाजों की कमी है। लेकिन हम यह बात भूल जाते हैं कि ये खिलाड़ी राज्यों से ही आएंगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम घरेलू क्रिकेट में ही यह शुरुआत कर दें कि खिलाड़ियों को आक्रामक बल्लेबाजी करनी है तो इससे डब्ल्यूपीएल का स्तर भी बेहतर होगा और यही खिलाड़ी भारत के लिए भी खेलेंगी।’’
नीतू ने कहा, ‘‘हर राज्य और उसके कोच को यह बताने की जरूरत है। बल्कि वे खुद भी देख रहे हैं कि हमें पावर हिटिंग की जरूरत है। हालांकि ऐसा नहीं है कि घरेलू क्रिकेट में इसकी शुरुआत नहीं हुई है। कई राज्यों में आपको ऐसी खिलाड़ी मिलेंगी जिन्होंने पावर हिटिंग पर काम शुरू कर दिया है। आने वाले समय में आपको कई अच्छी खिलाड़ी मिलेंगी और तब ‘पावर हिटिंग’ शब्द की जरूरत भी नहीं रह जाएगी।’’
नीतू ने साथ ही कहा कि डब्ल्यूपीएल ने घरेलू खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने का रास्ता छोटा कर दिया है।
भाषा सुधीर नमिता
नमिता

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