… फिलेम दीपक सिंह …
भुवनेश्वर, 25 मार्च (भाषा) पंजाब के फर्राटा धावक गुरिंदरवीर सिंह ने राष्ट्रीय इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के शुरुआती सत्र के आखिरी दिन बुधवार को पुरुषों की 60 मीटर दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस स्पर्धा में जीत के दावेदार अनिमेश कुजुर को नाटकीय फाइनल में अयोग्य कर दिया गया। दो दिन के चैंपियनशिप का समापन पुरुषों की 60 मीटर फाइनल से हुआ, जिसमें रिलायंस फाउंडेशन का प्रतिनिधित्व कर रहे गुरिंदरवीर सबसे तेज धावक के रूप में उभरे। पच्चीस साल के गुरिंदरवीर इससे पहले 100 मीटर आउटडोर राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी रह चुके हैं। उन्होंने 6.60 सेकंड का समय निकाला और तामिलनाडु की एलकिया दसन के 2018 से कायम 6.67 सेकंड के राष्ट्रीय इंडोर रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) हालांकि इंडोर राष्ट्रीय रिकॉर्ड की आधिकारिक सूची नहीं रखता है। इस दौड़ में तीन बार फॉल्स्टार्ट (संकेत मिलने से पहले दौड़ शुरू कर देना) हुए, जिसमें तीसरे फॉल्स्टार्ट पर स्थानीय धावक अनिमेश कुजुर को रेड कार्ड दिखाया गया, जिससे 17,000 क्षमता वाले कालींगा स्टेडियम परिसर में मौजूद दर्शक स्तब्ध रह गए। अनिमेश 100 मीटर और 200 मीटर आउटडोर राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी हैं, मैदान छोड़ते समय अधिकारियों से बातचीत करते दिखे। ओडिशा के लालू प्रसाद भौई 6.65 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि हरियाणा के नुजरत 6.71 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे। फॉल्स्टार्ट के कारण अनिमेश के अलावा ओडिशा के डोंडापाटी मृत्यम और कर्नाटक के नेहल सागर भी डिसक्वालीफाई हुए। गुरिंदरवीर ने बाद में कहा कि उन्होंने रेस अधिकारियों से अनुरोध किया था कि अनिमेश को दौड़ने दिया जाए लेकिन यह नियमों के तहत संभव नहीं था। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने फॉल्स्टार्ट किया। अगर वह दौड़ते तो मुझे भी बेहतर दौड़ने का मौका मिलता क्योंकि उन्हें स्थानीय दर्शकों का समर्थन मिल रहा था। इसलिए मैं रेस अधिकारियों से कह रहा था कि उसे विरोध जताते हुए दौड़ने दिया जाए।’’ तामिलनाडु के 24 वर्षीय सी. रीगन ने पुरुष पोल वॉल्ट में 5.30 मीटर की राष्ट्रीय इंडोर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड (आउटडोर और इंडोर सम्मिलित) के लिए 5.41 मीटर प्रयास किया, लेकिन तीन प्रयासों में सफल नहीं हो सके। देव मीना का एक साल पुराना 5.40 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड अब भी कायम है। भाषा आनन्द आनन्द