नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) भारतीय तेज गेंदबाज शिखा पांडे का मानना है कि महिला टी20 विश्व कप में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर को विकेटों के पतन की चिंता छोड़कर स्वाभाविक आक्रामक खेल पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि क्रीज पर थोड़ा समय बिताने के बाद हरमनप्रीत बिल्कुल अलग स्तर की बल्लेबाज नजर आती हैं।
भारतीय टीम के लिए दक्षिण अफ्रीका से हारने के बाद विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचने की राह मुश्किल हो गयी है। टीम को लीग चरण में बृहस्तपिवार को बांग्लादेश और रविवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना है।
शिखा ने ‘जियोस्टार’ के ‘गेम प्लान’ कार्यक्रम में सुझाव दिया कि बल्लेबाजी क्रम में बदलाव से हरमनप्रीत अपनी लय वापस पा सकती हैं। उनके अनुसार कप्तान को चौथे नंबर पर आना चाहिये जबकि जेमिमा रोड्रिग्स को पांचवें स्थान पर उतारा जा सकता है।
उन्होंने कहा, “भारतीय मध्यक्रम में हरमनप्रीत कौर की स्ट्राइक रेट चिंता का विषय है। शुरुआती विकेट जल्दी गिरता है तो यास्तिका भाटिया बल्लेबाजी के लिए आती हैं और जेमिमा चौथे नंबर पर खेलती हैं। संभव है कि हरमनप्रीत चौथे नंबर पर आएं और जेमिमा पांचवें स्थान पर चली जाएं।’’
शिखा ने कहा कि हरमनप्रीत को विकेट गिरने की चिंता छोड़कर अपने स्वाभाविक खेल पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, “जब हरमनप्रीत कौर लय में होती हैं तो वह पूरी तरह अलग बल्लेबाज नजर आती हैं। क्रीज पर समय बिताने के बाद वह सहजता से ड्राइव और डीप मिडविकेट के ऊपर से बड़े शॉट लगाती है। वह स्पिनरों के खिलाफ भी बेहद प्रभावी हैं। अगर वह जम जाएं तो भारत को बड़ा फायदा होगा।’’
भारत की पूर्व बल्लेबाज वेदा कृष्णमूर्ति ने जेमिमा रोड्रिग्स को तीसरे नंबर पर ही बल्लेबाजी कराने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि किसी बल्लेबाज को स्पष्ट भूमिका देना बेहद जरूरी होता है।
वेदा ने कहा, “यह आत्मविश्वास की बात है। जब लगातार कुछ कम स्कोर बनते हैं तो बल्लेबाज जरूरत से ज्यादा सोचने लगता है और उसका खेल सीमित हो जाता है।”
उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच का जिक्र करते हुए कहा कि नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से साझेदारियां नहीं बन सकीं। टी20 क्रिकेट में गति बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है।
वेदा ने कहा, “मैं अब भी जेमिमा को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते देखना चाहूंगी। उन्हें एक निश्चित भूमिका दी जानी चाहिए, क्योंकि इससे तैयारी करना आसान हो जाता है। जब किसी खिलाड़ी से लचीला रहने को कहा जाता है, तो उसे यह समझ नहीं आता कि पहली गेंद से तैयार रहना है या तीसरे ओवर से। इससे बल्लेबाज के लिए मुश्किलें बढ़ जाती हैं।”
भाषा आनन्द मोना
मोना